CAPF जवानों की पुरानी पेंशन (OPS) मामला: सुप्रीम कोर्ट में औपचारिकताएं पूरी, अब मुख्य पीठ में होगी अंतिम सुनवाई
नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लाखों जवानों के लिए बड़ी खबर। पुरानी पेंशन योजना OPS बहाली के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। अब इस अहम केस को मुख्य पीठ के सामने अंतिम सुनवाई के लिए जल्द सूचीबद्ध किया जाएगा।
रजिस्ट्रार कोर्ट में क्या हुआ
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कोर्ट-1 में सिविल अपील संख्या Civil Appeal No. 9635/2024 – Union of India & Ors. Vs. Manpal Singh & Ors. पर सुनवाई हुई।
रजिस्ट्रार श्री अपूर्व सिंह ने रिकॉर्ड पर लिया कि सभी प्रतिवादियों की ओर से जवाबी हलफनामे दाखिल हो चुके हैं। कुछ प्रतिवादियों ने अन्य जवानों के हलफनामे को भी अपनाने की बात कही। इसके बाद अदालत ने दस्तावेजों की प्रक्रिया को पूर्ण घोषित कर दिया।
रजिस्ट्रार ने आदेश दिया:
“रजिस्ट्री नियमानुसार मामले को माननीय न्यायालय की मुख्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करे।”
क्या है पूरा मामला
- दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला – जनवरी 2023: दिल्ली हाईकोर्ट ने CAPF को भारत संघ के ‘सशस्त्र बल’ मानते हुए सभी जवानों और अधिकारियों पर OPS लागू करने का आदेश दिया था।
- केंद्र सरकार की चुनौती: गृह मंत्रालय ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी पर अब सुनवाई चल रही है।
- जवानों की मांग: CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB और Assam Rifles के सेवारत व सेवानिवृत्त जवानों का कहना है कि सीमा और आतंरिक सुरक्षा में जान जोखिम में डालने वाले बलों को सेना की तरह सामाजिक सुरक्षा और OPS का अधिकार मिलना चाहिए।
आगे क्या होगा
रजिस्ट्रार कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री इस मामले को मुख्य पीठ के सामने अंतिम बहस के लिए लिस्ट करेगी। मुख्य पीठ में होने वाली सुनवाई ही CAPF जवानों के भविष्य और OPS के मुद्दे पर अंतिम और निर्णायक होगी।
इस फैसले पर देशभर के लगभग 10 लाख सेवारत और सेवानिवृत्त CAPF जवानों की निगाहें टिकी हैं।

