NTA में बड़ा बदलाव: 600 विशेषज्ञ हटाए गए, प्रश्न-पत्रों की चार स्तर पर जांच; CISF संभालेगी कार्यालयों की सुरक्षा
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में हालिया परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और सामने आई गड़बड़ियों के बाद परीक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार NTA ने परीक्षा टीम का पुनर्गठन करते हुए करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया है। इसके साथ ही प्रश्न-पत्रों की जांच के लिए चार-स्तरीय व्यवस्था लागू करने और नए अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब UGC NET जून 2026 की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है। इन विषयों के प्रश्न-पत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद से जुड़ी कई गलतियां सामने आने के बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया था।
50 से ज्यादा कर्मचारियों पर पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
NTA में सुधार की प्रक्रिया के तहत पहले ही 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में एजेंसी की ओर से शिक्षा मंत्रालय को उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा NTA ने 10 नए प्रोफेशनल पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। एजेंसी साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्न-पत्र डिजाइन समेत विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के डोमेन एक्सपर्ट्स को भी जोड़ने की तैयारी कर रही है।
परीक्षा टीम में 600 विशेषज्ञों का बदलाव
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक NTA की परीक्षा टीम का पुनर्गठन किया गया है। इसके तहत करीब 600 विशेषज्ञों को परीक्षा टीम से हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को परीक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों और सुधारात्मक कदमों की जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार नई टीम के गठन का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञता और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करना है।
अब चार स्तर पर होगी प्रश्न-पत्रों की जांच
NTA ने प्रश्न-पत्रों की गुणवत्ता जांच के लिए चार-स्तरीय Question Paper Checking System लागू करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था में प्रश्न-पत्र तैयार होने के बाद उसकी कई स्तरों पर स्क्रूटनी की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा से पहले प्रश्नों में संभावित तथ्यात्मक, टाइपिंग, भाषा और अनुवाद संबंधी त्रुटियों को पहचानना है।
UGC NET जून 2026 के कुछ प्रश्न-पत्रों में सामने आई गलतियों के बाद यह व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चार स्तरों की जांच से किसी एक स्तर पर हुई चूक को अगले स्तर पर पकड़ने की कोशिश की जाएगी।
20 से 25 नए अधिकारियों की होगी नियुक्ति
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए NTA में जल्द ही 20 से 25 नए अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक अगले दो से तीन सप्ताह में इन अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने की योजना है।
इसके साथ ही भविष्य में और अधिकारियों तथा विशेषज्ञों को शामिल करने के लिए एक विस्तृत इंडक्शन प्लान पर भी समीक्षा की गई है।
NTA कार्यालयों की सुरक्षा CISF के हवाले करने की तैयारी
परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और गतिविधियों की सुरक्षा को लेकर भी बदलाव किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार NTA के कार्यालयों को नई जगह पर स्थानांतरित किया जाएगा और वहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती की जाएगी।
मंत्रालय के मुताबिक कार्यालयों को नई जगह पर जल्द से जल्द शिफ्ट करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की कोशिश
NTA में किए जा रहे बदलावों को केवल कर्मचारियों और विशेषज्ञों के फेरबदल तक सीमित नहीं माना जा रहा है। प्रश्न-पत्र तैयार करने और जांच की प्रक्रिया में बदलाव, नए तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति, नए अधिकारियों की भर्ती और कार्यालयों की सुरक्षा मजबूत करने जैसे कदम परीक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक प्रभाव आगामी परीक्षाओं के दौरान सामने आएगा। NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा प्रक्रिया में सटीकता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखना होगी।

