CISF की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: 3 हफ्ते में 1798 MT अवैध कोयला जब्त, 84 वाहन सीज, ‘Zero Coal Leakage’ मिशन तेज
देश की “ऊर्जा राजधानी” कहे जाने वाले कोयला अंचलों में अवैध खन और तस्करी करने वाले सिंडिकेट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अब तक की सबसे आक्रामक कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 5 जुलाई को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद गृह मंत्रालय के ‘Zero Coal Leakage’ मिशन के तहत CISF ने पूरे कोयला क्षेत्र में छापेमारी शुरू कर दी है।
महज तीन हफ्तों के इस स्पेशल ड्राइव में सुरक्षा बल ने 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपये आंकी गई है।
लॉजिस्टिक्स पर सीधा प्रहार, 84 वाहन सीज
तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए CISF ने उनके लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाया। कार्रवाई के दौरान कुल 84 वाहनों को सीज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, तस्कर कोयले की हेराफेरी के लिए बड़े हाइवा ट्रकों से लेकर विशेष रूप से मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों तक का इस्तेमाल कर रहे थे। इन बाइकों पर भारी मात्रा में कोयले की बोरियां लादकर तस्करी की जा रही थी। सभी वाहनों को चेकपोस्ट और गुप्त रास्तों से पकड़ा गया।
BCCL, ECL और CCL में सबसे बड़ी बरामदगी
CISF की इंटेलिजेंस विंग ने उन हॉटस्पॉट्स को सीधे टारगेट किया जहां से अवैध कोयले की सबसे ज्यादा निकासी होती है।
- BCCL, धनबाद क्षेत्र: यहां से सबसे बड़ी खेप 1,063.91 मीट्रिक टन अवैध कोयला पकड़ा गया।
- ECL, शीतलपुर क्षेत्र: घेराबंदी कर 450.13 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया गया।
- CCL, रांची/CMP-H क्षेत्र: यहां 284.715 मीट्रिक टन अवैध कोयले का स्टॉक मिला।
MMDR Act के तहत सीधे कोर्ट में केस, 21 शिकायतें दर्ज
इस बार की कार्रवाई की सबसे खास बात CISF का कानूनी रुख है। खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम – MMDR Act के तहत CISF के सक्षम अधिकारियों को मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस में FIR के लंबे इंतजार के बजाय CISF अब सीधे सक्षम न्यायालय में डायरेक्ट कंप्लेंट दर्ज करा रही है। अब तक ऐसी 21 सीधी शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, जिससे आरोपियों पर त्वरित कानूनी शिकंजा कसना तय हो गया है।
DG CISF: “राष्ट्रीय संपदा की चोरी बर्दाश्त नहीं”
इस बड़ी सफलता पर महानिदेशक CISF ने जवानों की सराहना की। उन्होंने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “देश की इस राष्ट्रीय संपदा की चोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटेलिजेंस इनपुट, आधुनिक टेक्नोलॉजी – ड्रोन व सर्विलांस और सख्त कानूनों MMDR Act के त्रिकोण के दम पर हम ‘Zero Coal Leakage’ के लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करके रहेंगे।”
CISF के इस रौद्र रूप के बाद फिलहाल कोयला अंचलों में सक्रिय सिंडिकेट अंडरग्राउंड हो गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी इसी तेजी से जारी रहेगा।

