BSF जवानों को मिलेगा 1996-97 का बढ़ा वेतनमान, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पे-फिक्सेशन और एरियर भुगतान की तैयारी शुरू
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हजारों जवानों और अधिकारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। दिल्ली हाई कोर्ट और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद, अब बल के कर्मियों को वर्ष 1996 से संशोधित ‘रिप्लेसमेंट पे-स्केल’ का लाभ देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर सभी यूनिट्स को अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 5वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) की सिफारिशों के अनुसार वेतनमान लागू करने से जुड़ा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 अगस्त 2024 को अपने एक फैसले में निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ताओं को 10.10.1997 के बजाय 01.01.1996 से ही रिप्लेसमेंट स्केल का लाभ दिया जाए। भारत सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने 18 अगस्त 2025 को खारिज कर दिया और आठ सप्ताह के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का समय दिया था।
वेतन और एरियर पर कोर्ट का रुख
अदालत ने स्पष्ट किया है कि पात्र कर्मियों का वेतन निर्धारण (Pay Fixation) तो 01.01.1996 से काल्पनिक (Notionally) रूप से किया जाएगा, लेकिन पिछले बकाया यानी एरियर (Arrears) के भुगतान पर कुछ शर्तें लागू होंगी:
- एरियर की सीमा: एरियर का भुगतान केवल उन तीन वर्षों के लिए सीमित रहेगा, जो संबंधित याचिका दायर करने की तारीख से ठीक पहले के थे।
- पात्र कर्मी: इसमें कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक (GD, Comn, Min कैडर) के वे कर्मी शामिल हैं, जो 01.01.1996 से 10.10.1997 के बीच सेवा में थे।
BSF मुख्यालय के सख्त निर्देश
BSF मुख्यालय ने गृह मंत्रालय (MHA) की आंतरिक समिति की बैठक के बाद सभी फील्ड फॉर्मेशन्स को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- डेटा का पुनः सत्यापन: सभी यूनिट्स को निर्देश दिया गया है कि वे इस फैसले से पड़ने वाले वित्तीय भार की गणना दोबारा करें ताकि डेटा सटीक रहे।
- लिटिगेंट्स और नॉन-लिटिगेंट्स: मुख्यालय ने कोर्ट केस करने वाले (Litigants) और केस न करने वाले (Non-litigants) दोनों तरह के कर्मियों (सेवारत और सेवानिवृत्त) का विवरण अलग-अलग मांगा है।
- एडवांस में तैयारी (Spade-work): मंत्रालय से औपचारिक आदेश मिलते ही तुरंत भुगतान हो सके, इसके लिए सभी इकाइयों को वेतन निर्धारण (Pay Fixation) का काम समय से पहले पूरा करने और उसे ऑडिट (IAP/PAD) से सत्यापित कराने को कहा गया है।
तय की गई डेडलाइन
- वित्तीय रिपोर्ट भेजने की अंतिम तिथि: 31 मई 2026
- पे-फिक्सेशन तैयारी पूरी करने की रिपोर्ट: 30 जून 2026
क्या होगा असर
इस निर्णय से BSF के उन कर्मियों को लंबे समय से लंबित वेतन संबंधी लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जो 1996-97 की अवधि में सेवा में थे। माना जा रहा है कि आदेश लागू होने के बाद बड़ी संख्या में सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों को आर्थिक राहत मिलेगी।

