2005 श्रीनगर आतंकी हमले में घायल CRPF जवान रूप किशोर का निधन, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई
अमरोहा। देश सेवा के लिए जीवन समर्पित करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के बहादुर जवान रूप किशोर (45) का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वे वर्ष 2005 में श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिछले दो दशकों से लकवाग्रस्त जीवन जी रहे थे। उनके निधन से परिवार, गांव और सुरक्षा बलों में शोक की लहर दौड़ गई।
2005 के आतंकी हमले में हुए थे गंभीर घायल
अमरोहा जिले के सैद नंगली गांव निवासी रूप किशोर वर्ष 2003 में CRPF में भर्ती हुए थे। वर्ष 2005 में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तैनाती के दौरान आतंकवादियों के हमले में उनके सीने में गोली लग गई थी। इस हमले के बाद उनका शरीर धड़ से नीचे तक पैरालाइज हो गया था।
गंभीर शारीरिक स्थिति के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लंबे समय तक सीआरपीएफ कार्यालय में रहकर अपनी सेवाएं जारी रखीं। उनकी जुझारू भावना साथी जवानों के लिए प्रेरणा बनी रही।
अस्पताल में उपचार के दौरान निधन
स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के कारण जनवरी में उन्हें घर लाया गया था। शुक्रवार सुबह तबीयत अचानक ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने उन्हें नोएडा के सेक्टर-10 स्थित आयुष्मान अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शाम को उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
रूप किशोर के निधन की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ मुख्यालय से 15 जवानों की टुकड़ी उनके पैतृक गांव पहुंची। तिगरी गंगा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने उन्हें कर्तव्यनिष्ठ, साहसी और समर्पित जवान बताते हुए कहा कि रूप किशोर ने विपरीत परिस्थितियों में भी देश सेवा की मिसाल कायम की।
बेटे ने पिता को बताया सच्चा योद्धा
शहीद जवान के पुत्र मनिकांत ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता एक सच्चे योद्धा थे। गोली लगने और गंभीर बीमारी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की कि उनके पिता की वीरता के अनुरूप उन्हें उचित सम्मान दिया जाए।
क्षेत्र में शोक का माहौल
जवान के निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और पूर्व सैनिक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और देश के वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

