CRPF में ‘समानता’ की नई पहल: अब फील्ड विजिट के दौरान जवानों के साथ खाना खाएंगे और बैरक में रुकेंगे DG व वरिष्ठ अधिकारी
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवानों के जीवन स्तर को सुधारने और जमीनी हकीकत समझने के लिए एक अहम पहल शुरू की गई है। सीआरपीएफ महानिदेशक (डीजी) द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब वरिष्ठ अधिकारी फील्ड विजिट के दौरान सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के कर्मियों के साथ भोजन करेंगे और उन्हीं की बैरकों या अतिथि कक्षों में रात्रि विश्राम भी करेंगे।
जवानों की सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
डीजी के आदेश में कहा गया है कि ग्राउंड विजिट के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की प्राथमिकता अधीनस्थ अधिकारियों (एसओएस) और अन्य रैंकों (ओआर) के रहने, खाने और कार्यस्थल की सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करना होगा। इसके तहत मेस, बैरक, रसोईघर, स्नानघर, आवासीय क्वार्टर और परिवारों के लिए अतिथि कक्षों की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रत्यक्ष मूल्यांकन से होगा सुधार
निर्देशों के अनुसार, सभी वरिष्ठ अधिकारी दौरे के दौरान कम से कम एक बार जवानों के साथ नाश्ता, दोपहर या रात्रि भोजन करेंगे। साथ ही जहां संभव होगा, वे एसओ या ओआर के अतिथि कक्षों अथवा छात्रावासों में रात्रि प्रवास करेंगे ताकि रहने की स्थिति और भोजन की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन किया जा सके।
दौरे के बाद अधिकारियों को अपने विस्तृत अवलोकन दर्ज करने होंगे, जिसमें कमियों, खामियों और तत्काल सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा। इन रिपोर्टों को संबंधित अधिकारियों और निर्माण निदेशालय को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
अतिरिक्त बजट का उपयोग जवानों के लिए
आदेश में उल्लेख किया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्यों के बजट व्यय की बेहतर निगरानी से गुणवत्ता और निष्पादन में सुधार हुआ है। बजट में वृद्धि के कारण उपलब्ध अतिरिक्त संसाधनों को अब अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों के बुनियादी ढांचे के विकास में प्राथमिकता से निवेश किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी व्यवस्था
सेक्टर आईजी, प्रशिक्षण संस्थानों, यूनिट कमांडरों और एस्टेट अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे चरणबद्ध तरीके से वरिष्ठ अधिकारियों के लिए जवानों के साथ रहने और निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। आदेश के अनुपालन और कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा भी की जाएगी।
मनोबल बढ़ाने की दिशा में पहल
सीआरपीएफ नेतृत्व का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जवानों के साथ रहना, भोजन करना और उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझना न केवल सुविधाओं में सुधार लाएगा बल्कि बल के भीतर संवाद, विश्वास और मनोबल को भी मजबूत करेगा।

