BSF जवान जसविंदर सिंह की हिरासत में मौत मामले में NCB के 2 अधिकारी निलंबित।
BSF के कांस्टेबल जसविंदर सिंह की हिरासत में हुई मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस प्रकरण में कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में मामले के जांच अधिकारी और एक सहायक निदेशक शामिल हैं।
इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं मामले की सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी जारी है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बीएसएफ कांस्टेबल जसविंदर सिंह को एनसीबी ने जम्मू से एक मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। उन्हें पूछताछ के लिए अमृतसर ले जाया जा रहा था।
बताया गया कि 20 मार्च की तड़के उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई।
परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
मृतक जवान की मां का आरोप है कि उनका बेटा छुट्टी पर घर आया हुआ था, तभी 3 मार्च को एनसीबी अधिकारी उसे अपने साथ ले गए। परिवार का कहना है कि हिरासत में लेने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों का यह भी आरोप है कि 20 मार्च को सिर्फ तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन हिरासत की परिस्थितियों और कार्रवाई के बारे में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
जांच और कानूनी कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए:
- एनसीबी ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
- पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट मामले की निगरानी कर रहा है।
जवाबदेही पर उठे सवाल
हिरासत में मौत की घटना के बाद सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली, हिरासत में मानवाधिकारों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

