मेरठ: छुट्टी पर आए BSF जवान की घर में घुसकर हत्या; मां बोली- ‘हत्यारों को फांसी हो, तब इंसाफ मिलेगा
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इचौली के धनपुर गांव में तैनात बीएसएफ (BSF) जवान नैन सिंह की उनके ही घर के बेडरूम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 36 वर्षीय नैन सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा में 78वीं वाहिनी में तैनात थे और अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी पर घर आए थे।
वारदात का घटनाक्रम
घटना 27 मार्च (शुक्रवार) की रात की है। हमलावरों ने घर में घुसकर नैन सिंह के सिर में सटाकर गोली मारी। हैरानी की बात यह है कि परिजनों को इस बात का पता अगले दिन 28 मार्च (शनिवार) की दोपहर को चला। जब नैन सिंह काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले, तो उनके छोटे भाई की पत्नी उन्हें जगाने गईं, जहाँ उनका शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा मिला।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: ‘इंसाफ चाहिए’
नैन सिंह की मां विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अत्यंत भावुक होते हुए कहा, “मेरा बेटा सरहद पर देश की रक्षा के लिए खुद को जला रहा था, बदले में मुझे क्या मिला? उसकी घर में घुसकर हत्या कर दी गई। जब तक हत्यारों को फांसी नहीं होगी और खून के बदले खून नहीं होगा, मुझे चैन नहीं मिलेगा।”
मृतक के पिता गरीबदास ने बताया कि होली के दिन पड़ोसी महेश कुमार के साथ मामूली कहासुनी हुई थी, जो पुरानी जमीनी रंजिश के कारण बढ़ गई। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में पड़ोसी और उसके बेटों पर हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस की जांच और दो मुख्य पहलू
पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच दो मुख्य एंगल से कर रही है:
- जमीनी रंजिश: परिवार का आरोप है कि पड़ोसियों से पिछले 20 साल से विवाद चल रहा है। होली के दिन (4 मार्च) भी आरोपियों ने नैन सिंह को जान से मारने की धमकी दी थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- पारिवारिक विवाद: पुलिस जवान का अपनी पत्नी कोमल के साथ चल रहे विवाद को भी जांच के दायरे में रख रही है। कोमल पिछले 2 साल से अपने पति से अलग रह रही थी, जबकि उनके दो बच्चे पिता के साथ ही रहते थे।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
नैन सिंह के भाई प्रदीप कुमार, जो खुद भी जैसलमेर में BSF जवान हैं, ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि यदि होली के दिन मिली धमकी पर पुलिस ने समय रहते एक्शन लिया होता, तो आज एक जवान की जान बच सकती थी।
वर्तमान स्थिति:
पुलिस ने मुख्य आरोपी महेश और उसके दो बेटों को हिरासत में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद 29 मार्च को राजकीय सम्मान के साथ BSF जवान नैन सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया गया। सीओ सदर (देहात) सुधीर सिंह के अनुसार, मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और जल्द ही सच सामने आएगा।

