BSF सिविल विभाग नहीं, सशस्त्र बल है — दिल्ली हाईकोर्ट ने CAT का आदेश रद्द किया
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एयर विंग में तकनीकी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि BSF कोई सामान्य सिविल सरकारी विभाग नहीं, बल्कि केंद्र का सशस्त्र बल है। इसी आधार पर कोर्ट ने तकनीकी स्टाफ की रिटायरमेंट उम्र 60 वर्ष करने संबंधी केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेशों को रद्द कर दिया।
कोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन शामिल थे, ने 23 मार्च को सुनाए फैसले में कहा कि BSF के एयर विंग में पुनर्नियुक्त तकनीकी कर्मियों पर सिविल कर्मचारियों की तरह 60 वर्ष की सेवा आयु लागू नहीं होगी। उन्हें अन्य कॉम्बैटाइज्ड कर्मियों की तरह 57 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त होना होगा।
BSF की संरचना और अनुशासन पर जोर
अदालत ने कहा कि सेवानिवृत्ति आयु का मामला सिर्फ तीन साल की नौकरी बढ़ाने का विवाद नहीं है, बल्कि यह सशस्त्र बल की संरचना, अनुशासन और सेवा व्यवस्था से जुड़ा मूल प्रश्न है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BSF को BSF Act 1968 और BSF नियमों के तहत गठित किया गया है, जहां रैंक संरचना, सेवा शर्तें और अनुशासन पूरी तरह सैन्य प्रकृति के हैं। ऐसे में इसे सामान्य सरकारी विभाग की तरह नहीं देखा जा सकता।
CAT का आदेश क्यों रद्द हुआ
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने पहले यह मानते हुए कुछ तकनीकी पदों को सिविल प्रकृति का माना था कि 1991 की स्वीकृति में उन्हें स्पष्ट रूप से “कॉम्बैटाइज्ड” नहीं कहा गया था।
लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार राष्ट्रपति के निर्णय से पूरा कैडर कॉम्बैटाइज्ड घोषित हो जाता है, तो बाद में बने पद स्वतः उसी श्रेणी में आते हैं। हर पद के लिए अलग से घोषणा जरूरी नहीं होती।
लाभ लेने के बाद नियम से बच नहीं सकते
मामले के प्रमुख याचिकाकर्ता बद्री प्रसाद प्रजापति, जो पहले भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद BSF एयर विंग में सब-इंस्पेक्टर जूनियर एयरक्राफ्ट मैकेनिक (SI-JAM) के रूप में नियुक्त हुए थे, ने खुद को सिविल कर्मचारी बताते हुए 60 वर्ष तक सेवा का दावा किया था।
कोर्ट ने कहा कि उन्होंने कॉम्बैटाइज्ड अधिकारी की तरह उच्च वेतनमान, यूनिफॉर्म, राशन भत्ता, धुलाई भत्ता और प्रमोशन लाभ लिए। ऐसे में सेवा के लाभ स्वीकार कर बाद में सिविल कर्मचारी होने का दावा करना कानूनन स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने इसे “approbate and reprobate” यानी सुविधा अनुसार स्थिति बदलने का प्रयास बताया।
रिटायरमेंट नियमों की स्पष्ट व्यवस्था
अदालत ने BSF (सीनियरिटी, प्रमोशन और सुपरएनुएशन) नियम, 1978 का हवाला देते हुए कहा कि कमांडेंट से नीचे के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 57 वर्ष तय है, जबकि कमांडेंट और उससे ऊपर के अधिकारी 60 वर्ष तक सेवा दे सकते हैं। यह व्यवस्था फिटनेस, तैनाती क्षमता और सशस्त्र बल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।,

