सीमा पर ‘अभेद्य दीवार’ है BSF, हर मोर्चे पर लहराया है वीरता का परचम: गृह मंत्री अमित शाह
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू में भारत–पाकिस्तान सीमा पर स्थित बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) गुरनाम और बोबिया का दौरा कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों का हौसला बढ़ाया और पड़ोसी देश को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ देश की सीमाओं पर एक “अभेद्य दीवार” की तरह खड़ी है, जिसे पार करना किसी के लिए आसान नहीं है।
गृह मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात हों, मणिपुर के दुर्गम इलाकों में हों या फिर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में, बीएसएफ ने हर जगह अपनी बहादुरी और प्रतिबद्धता साबित की है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, विशेषकर पंजाब में आई बाढ़ के समय, बीएसएफ ने मानवता और जनता के प्रति गहरी संवेदना का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।
बीएसएफ की ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र
अमित शाह ने बीएसएफ के इतिहास के गौरवशाली क्षणों को याद करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान बीएसएफ ने 118 पाकिस्तानी चौकियों और तीन आतंकी लॉन्च पैड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज अहमद और सिपाही दीपक चिंखाम को वीर चक्र से सम्मानित किया जाना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। गृह मंत्री ने कहा कि कच्छ के रेगिस्तान से लेकर कश्मीर की बर्फीली वादियों, मणिपुर की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक बीएसएफ ने हर मोर्चे पर अपनी क्षमता साबित की है।
आधुनिकीकरण पर जोर, 61वां वर्ष होगा निर्णायक
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 60 वर्षों में चुनौतियां बदली हैं और अब लड़ाई केवल हथियारों की नहीं, बल्कि तकनीक की भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सीमा सुरक्षा को हाईटेक बना रही है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ का 61वां वर्ष ‘आधुनिकीकरण और कल्याण’ के रूप में मनाया जाएगा। जवानों के लिए जल्द ही एक विशेष कल्याण योजना लाई जाएगी और 242 करोड़ रुपये की लागत से सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
इस दौरान अमित शाह ने 242 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और 7 करोड़ रुपये की लागत वाले सोलर वॉटर हीटर, सोलर पावर प्लांट और ऑफिसर्स मेस का उद्घाटन भी किया।
जवानों के साथ भोजन, मानवीय चेहरे की सराहना
प्रोटोकॉल से हटकर गृह मंत्री ने बीएसएफ जवानों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। उन्होंने पंजाब में आई बाढ़ के दौरान बीएसएफ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने स्वयं माना था कि अगर उस समय बीएसएफ मौजूद नहीं होती, तो हालात कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते थे।
अमित शाह ने अंत में कहा कि देश को अपने सीमा प्रहरी पर गर्व है और सरकार जवानों की सुरक्षा, सुविधाओं और कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी।

