ओडिशा जंगलों में माओवाद पर करारा प्रहार: 1.1 करोड़ के इनामी टॉप कमांडर गणेश उइके सहित 4 नक्सली ढेर!
भुवनेश्वर, 25 दिसंबर 2025: क्रिसमस के दिन ओडिशा के घने जंगलों में गूंजीं गोलियों ने माओवादी संगठन को झकझोर कर रख दिया! सुरक्षा बलों के एक साहसिक संयुक्त ऑपरेशन में CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी के सदस्य और ओडिशा का प्रमुख कमांडर गणेश उइके मुठभेड़ में मार गिराया गया। 69 वर्षीय उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था और वह कई उपनामों – रूपा, चामू, पक्का हनुमंतु – से जाना जाता था।
कंधमाल जिले के चाकपाड थाना क्षेत्र और गंजम सीमा पर स्थित राम्भा जंगल में चले इस ऑपरेशन में कुल चार माओवादी ढेर हुए – दो पुरुष और दो महिला कैडर। सुरक्षा बलों की 23 टीमों – 20 एसओजी, 2 सीआरपीएफ और 1 बीएसएफ – ने खुफिया सूचना पर घेराबंदी की। कई दौर की भयंकर गोलीबारी के बाद मौके से चारों के शव बरामद किए गए। साथ ही दो INSAS राइफलें और एक .303 राइफल भी जब्त हुईं।
यह ऑपरेशन हाल के वर्षों में ओडिशा में किसी सेंट्रल कमेटी सदस्य के मारे जाने की पहली बड़ी घटना है। तेलंगाना मूल के उइके लंबे समय से सुरक्षा बलों की आंख की किरकिरी बने हुए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक निर्णायक झटका है।
स्थानीय आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोग राहत की सांस ले रहे हैं, क्योंकि माओवादी अक्सर विकास कार्यों में बाधा डालते थे। पुलिस ने कहा कि तलाशी अभियान जारी है और बाकी तीन मारे गए नक्सलियों की पहचान जल्द की जाएगी।ओडिशा पुलिस के एडीजी (एंटी-नक्सल ऑपरेशंस) संजीव पांडा ने इसे “बड़ी सफलता” बताया। राज्य में नक्सल प्रभाव कम होने की दिशा में यह कदम शांति और विकास की नई उम्मीद जगाता है। आगे भी ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे, ताकि ओडिशा पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो सके।यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा बल कितनी मुस्तैदी से लाल आतंक का मुकाबला कर रहे हैं। नक्सलवाद की कमर टूट रही है – एक और बड़ा झटका!

