सशस्त्र सीमा बल ने मनाया 62वां स्थापना दिवस: महानिदेशक ने प्रदान किए राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं अन्य सम्मान
नई दिल्ली: सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपने 62वें स्थापना दिवस को गरिमापूर्ण समारोह के साथ मनाया। इस अवसर पर बल के महानिदेशक श्री संजय कुमार सिंघल ने सेवानिवृत्त एवं सेवारत अधिकारियों तथा कार्मिकों को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

समारोह में राष्ट्रपति पुलिस पदक (सराहनीय सेवा) तथा अन्य पुरस्कार प्रदान किए गए। महानिदेशक ने स्वयं विजेताओं को पदक पिन-अप कर सम्मानित किया, जो बल की परंपरा एवं अनुशासन का प्रतीक है।
प्रदान किए गए प्रमुख सम्मानराष्ट्रपति पुलिस पदक (सराहनीय सेवा):
- वर्ष 2023: एक सेवानिवृत्त अधिकारी तथा एक सेवानिवृत्त अधीनस्थ अधिकारी।
- वर्ष 2024: तीन सेवानिवृत्त अधीनस्थ अधिकारी तथा एक सेवानिवृत्त कार्मिक।
विशेष अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन:
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों एवं विशेष अभियानों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 29वीं वाहिनी, गया (बिहार) को सम्मानित किया गया।
सीमा सुरक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन:
- भारत-नेपाल सीमा: सर्वश्रेष्ठ वाहिनी के रूप में 50वीं वाहिनी, उतरौला (उत्तर प्रदेश) को ‘बेस्ट बटालियन ट्रॉफी’ प्रदान की गई।
- भारत-भूटान सीमा: सर्वश्रेष्ठ वाहिनी के रूप में 64वीं वाहिनी, बरामा (असम) को सम्मान प्राप्त हुआ।
सर्वश्रेष्ठ बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी):
- भारत-नेपाल सीमा: रूपईडीहा बीओपी (42वीं वाहिनी, बहराइच, उत्तर प्रदेश)।
- भारत-भूटान सीमा: सुखानजोली बीओपी (64वीं वाहिनी, बरामा, असम)।
एसएसबी भारत-नेपाल एवं भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बल का आदर्श वाक्य ‘सेवा, सुरक्षा, बंधुत्व’ इन सम्मानों के माध्यम से और अधिक सशक्त हुआ है।यह समारोह एसएसबी के सभी रैंकों के समर्पण, अनुशासन एवं देशसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

