CAPF पुरानी पेंशन मामला – सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश।केंद्र को दिया 12 दिसंबर तक का समय, अगली सुनवाई 19 जनवरी 2026 को
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग से जुड़े मामले में कल सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कोर्ट में महत्वपूर्ण कार्यवाही हुई। सिविल अपील संख्या 9637/2024 पर सुनवाई करते हुए, रजिस्ट्रार सुजाता सिंह ने केंद्र सरकार (अपीलकर्ता) को एक महत्वपूर्ण पक्षकार को हटाने या उसके लिए नए विवरण जमा करने हेतु अंतिम मौका देते हुए 12 दिसंबर 2025 की समय सीमा तय की है।
📝 रजिस्ट्रार कोर्ट की कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
- अधिकतर प्रतिवादी रिकॉर्ड पर: प्रतिवादी संख्या 1 से 70, 72, 73 और 75 से 103 पहले से ही प्रतिनिधित्व के साथ रिकॉर्ड पर हैं और उन्होंने अपना काउंटर हलफनामा 31 जुलाई 2024 को दाखिल कर दिया था।
- प्रतिवादी 71 की उपस्थिति: प्रतिवादी संख्या 71, जिस पर सर्विस 20 जून 2025 को पूरी हुई थी, के लिए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) श्री वर्धमान कौशिक की ओर से श्री निकुंज अरोड़ा पेश हुए।
- प्रतिवादी 71 ने कोर्ट को सूचित किया कि वह अन्य प्रतिवादियों द्वारा दाखिल काउंटर हलफनामे को ही अपना लेगा। इस निवेदन को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया।
- प्रतिवादी 74 को हटाने का प्रस्ताव: केंद्र सरकार (अपीलकर्ता) के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रतिवादी संख्या 74 मामले में आवश्यक पक्षकार नहीं है।
- इसलिए, अपीलकर्ता प्रतिवादी 74 का नाम हटाने के लिए आवेदन दाखिल करेंगे।
⌛ कोर्ट का सख्त निर्देश और अगली तारीख:
रजिस्ट्रार कोर्ट ने मामले को मुख्य सुनवाई के लिए जल्द से जल्द तैयार करने के उद्देश्य से सख्त निर्देश जारी किए:
- Deletion Application: केंद्र सरकार को प्रतिवादी संख्या 74 को हटाने का आवेदन 12 दिसंबर 2025 तक दाखिल करने का समय दिया गया है।
- Listing before Judge: यदि आवेदन 12.12.2025 तक दाखिल होता है, तो उसे आवश्यक निर्देशों के लिए माननीय जज इन चैंबर्स के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा。
- अंतिम मौका: यदि आवेदन दाखिल नहीं होता है, तो अपीलकर्ता को प्रतिवादी संख्या 74 पर सर्विस के लिए नए विवरण (fresh particulars) दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है। इसकी समय सीमा भी 12 दिसंबर 2025 है।
- अगली सुनवाई: रजिस्ट्रार कोर्ट में मामले की अगली लिस्टिंग 19 जनवरी 2026 को होगी।
यह स्पष्ट है कि कोर्ट अब इस मामले को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में बढ़ रहा है, ताकि इसे अंतिम निर्णय के लिए माननीय न्यायाधीशों के समक्ष सूचीबद्ध किया जा सके।



