हिमाचल प्रदेश में CAPF जवानों के लिए अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन, CRPF-BSF-CISF समेत 6 बलों के प्रतिनिधि होंगे सदस्य
सेवारत और सेवानिवृत्त CAPF जवानों व उनके परिजनों के कल्याण के लिए काम करेगा बोर्ड
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के अर्ध सैनिक बलों के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड, हिमाचल प्रदेश का गठन किया है। सैनिक कल्याण विभाग ने इस संबंध में 10 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना संख्या No. SWD(A)4-1/2026 के अनुसार, बोर्ड की अध्यक्षता प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री करेंगे। बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। आदेश सैनिक कल्याण विभाग के सचिव आशीष सिंघमार, IAS की ओर से जारी किया गया है।
16 सदस्यीय होगा बोर्ड
बोर्ड में कुल 16 सदस्य होंगे। इसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस महानिदेशक, विभिन्न CAPF के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अर्ध सैनिक बलों के प्रतिनिधि तथा अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।
बोर्ड में CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB के एडीजी स्तर के अधिकारियों के अलावा असम राइफल्स के प्रतिनिधि को भी सदस्य बनाया गया है। वहीं, निदेशक सैनिक कल्याण को सदस्य सचिव बनाया गया है।
जवानों और परिवारों के कल्याण पर रहेगा फोकस
बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के सेवारत और सेवानिवृत्त CAPF कर्मियों तथा उनके आश्रितों से जुड़े कल्याणकारी मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देना है।
इसके अलावा बोर्ड केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय, CAPF मुख्यालय, जिला प्रशासन और राज्य के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भूमिका निभाएगा।
बोर्ड सेवानिवृत्त CAPF कर्मियों के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेगा। साथ ही जवानों के बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता, छात्रवृत्ति और अन्य कल्याणकारी उपायों को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
बोर्ड राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी CAPF कर्मियों तक पहुंचाने और उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाने में भी मदद करेगा।
सरकार ने बोर्ड के उपाध्यक्ष और गैर-सरकारी सदस्यों के लिए टीए/डीए और अन्य सुविधाएं समय-समय पर लागू सरकारी नियमों के अनुसार निर्धारित करने की बात कही है।
हिमाचल प्रदेश में इस बोर्ड के गठन से राज्य से जुड़े सेवारत और सेवानिवृत्त अर्ध सैनिक कर्मियों के कल्याण संबंधी मामलों के लिए एक संस्थागत व्यवस्था तैयार हुई है।

