KBC 18 में CRPF डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव ने जीते 50 लाख रुपये, 1 करोड़ के सवाल पर छोड़ा खेल
नई दिल्ली: लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ (KBC 18) में बुधवार और गुरुवार के एपिसोड में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डिप्टी कमांडेंट मनोज कुमार यादव हॉट सीट पर नजर आए। अपने ज्ञान, आत्मविश्वास और सेवा जीवन के अनुभवों से उन्होंने शो में खास पहचान बनाई और 50 लाख रुपये की राशि जीतकर खेल छोड़ दिया।
मनोज कुमार यादव ने बुधवार के एपिसोड में अपना खेल शुरू किया था, जिसे उन्होंने गुरुवार के एपिसोड में आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपनी नौकरी और जीवन से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने झारखंड में तैनाती के दौरान एक मुठभेड़ में बाल-बाल बचने का अनुभव भी बताया।
14 सवालों के दिए सही जवाब, जीते 50 लाख
मनोज ने शो में अपनी उपलब्ध लाइफलाइन का इस्तेमाल करते हुए लगातार सवालों के सही जवाब दिए। उन्होंने कुल 14 सवालों का सही जवाब देकर 50 लाख रुपये अपने नाम किए।
इसके बाद उनके सामने 1 करोड़ रुपये के लिए 15वां सवाल रखा गया। सवाल था:
“किस खोजकर्ता और अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को उस जलडमरूमध्य (Strait) का नाम रखने का श्रेय दिया जाता है, जिसके नाम पर ‘गोल्डन गेट ब्रिज’ का नाम पड़ा?”
इसके विकल्प थे:
- जेम्स ब्लेन
- जॉन फ्रेमोंट
- विनफील्ड स्कॉट
- लीलैंड स्टैनफोर्ड
मनोज को इस सवाल का सही जवाब निश्चित रूप से पता नहीं था। जोखिम लेने के बजाय उन्होंने 50 लाख रुपये लेकर खेल छोड़ने का फैसला किया।
सही जवाब था जॉन फ्रेमोंट
शो छोड़ने के बाद जब मनोज से सही जवाब का अनुमान लगाने के लिए कहा गया, तो उन्होंने विनफील्ड स्कॉट का नाम चुना। हालांकि यह जवाब गलत था। इस सवाल का सही उत्तर जॉन सी. फ्रेमोंट (John C. Frémont) था।
जॉन सी. फ्रेमोंट अमेरिकी खोजकर्ता और राजनेता थे। उन्होंने 1846 में सैन फ्रांसिस्को के प्रवेश मार्ग को ‘गोल्डन गेट’ नाम दिया था। बाद में इसी नाम पर प्रसिद्ध गोल्डन गेट ब्रिज का नाम पड़ा। फ्रेमोंट 1856 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में भी उम्मीदवार रहे थे, हालांकि उन्हें जेम्स बुकानन के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
CRPF सेवा के अनुभव भी किए साझा
कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार यादव ने अमिताभ बच्चन के साथ अपने सेवा जीवन से जुड़े कई अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले हैं और वर्तमान में गुरुग्राम स्थित CRPF इंटेलिजेंस स्कूल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में तैनात हैं।
उन्होंने अपने करियर के दौरान श्रीनगर की 79वीं बटालियन, झारखंड में CoBRA, अहमदाबाद की 100वीं RAF और झारखंड की 157वीं बटालियन में सेवाएं देने की जानकारी भी साझा की।
CoBRA की सर्वाइवल ट्रेनिंग का किया जिक्र
अमिताभ बच्चन ने जब उनसे CoBRA की सर्वाइवल ट्रेनिंग के बारे में पूछा, तो मनोज ने बताया कि इस तरह की ट्रेनिंग जवानों को बेहद कठिन परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करती है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कई बार जंगल जैसे कठिन वातावरण में सीमित संसाधनों के साथ परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और सर्वाइवल स्किल्स को मजबूत करना है।
झारखंड में मुठभेड़ के दौरान आंख में लगी थी चोट
मनोज ने झारखंड में तैनाती के दौरान एक मुठभेड़ का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक ऑपरेशन के दौरान उनकी टीम आम लोगों की गाड़ियों में छिपकर उस स्थान तक पहुंची, जहां एक सशस्त्र समूह के मौजूद होने की सूचना थी।
मनोज के मुताबिक, मौके पर पहुंचने के बाद सुरक्षाबलों ने सामने मौजूद लोगों से आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन दूसरी तरफ से फायरिंग शुरू कर दी गई। इसी दौरान उनकी दाईं आंख में स्प्लिंटर लगा।
उन्होंने बताया कि चोट आंख के रेटिना तक पहुंच गई थी और ऐसी स्थिति में उनकी आंख की रोशनी जाने का खतरा था। उनके अनुसार, यह मुठभेड़ उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।
‘भारत की सेवा करने में खुशी मिलती है’
अपने अनुभव साझा करते हुए मनोज कुमार यादव ने कहा कि उन्हें भारत की सेवा करने में गर्व और खुशी महसूस होती है। ड्यूटी के दौरान लगी चोटों को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक रवैया जाहिर किया।
KBC 18 में मनोज कुमार यादव की मौजूदगी ने न केवल उनके ज्ञान और आत्मविश्वास को सामने रखा, बल्कि दर्शकों को CRPF के जवानों के कठिन प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण सेवा जीवन की झलक भी दी। हालांकि वह 1 करोड़ रुपये के सवाल का सही जवाब नहीं दे सके, लेकिन 50 लाख रुपये की जीत के साथ उन्होंने शो में अपनी यात्रा यादगार बना दी।

