केंद्रीय कर्मचारियों का बोनस 7,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग, JCM ने सरकार को लिखा पत्र
नई दिल्ली। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) ने केंद्र सरकार से केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस भुगतान की अधिकतम सीमा (Bonus Payable Ceiling) को मौजूदा 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की है। काउंसिल ने दशहरा त्योहार से पहले पीएलबी/बोनस/एडहॉक बोनस के भुगतान के लिए जरूरी आदेश जारी करने की अपील की है।
नेशनल काउंसिल के सचिव शिवा गोपाल मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को कैबिनेट सचिव और नेशनल काउंसिल-जेसीएम के अध्यक्ष को पत्र लिखकर यह मांग रखी। पत्र में कहा गया है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 25 अगस्त 2026 की गजट अधिसूचना (एस.ओ. 4710(ई) और एस.ओ. 4711(ई)) के बाद स्थिति बदल गई है।
अधिसूचना के अनुसार, बोनस की गणना के लिए अगर कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपये से ज्यादा है तो उसे या तो 7,000 रुपये मानकर या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (जो भी ज्यादा हो) के आधार पर बोनस दिया जाएगा। फिलहाल केंद्र सरकार की न्यूनतम मजदूरी 21,000 रुपये है। साथ ही, 21,000 रुपये तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बोनस देने का प्रावधान किया गया है। ये अधिसूचनाएं 21 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी गई हैं।
स्टाफ साइड का कहना है कि मई 2026 में नेशनल काउंसिल की 49वीं बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। आधिकारिक पक्ष ने तब कहा था कि बोनस अधिनियम में भुगतान सीमा संशोधन के बाद ही इस पर विचार किया जा सकता है। अब अधिसूचना आ चुकी है, इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी सीलिंग 21,000 रुपये कर दी जाए।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दशहरा नजदीक है और सरकार पीएलबी, बोनस या एडहॉक बोनस के आदेश जारी करने वाली है। इसलिए समय रहते संशोधित सीमा लागू करने के आदेश जारी किए जाएं।
यह मांग केंद्रीय कर्मचारियों, खासकर रेलवे, डाक विभाग और अन्य संगठनों के उन कर्मचारियों से जुड़ी है जिन्हें उत्पादकता से जुड़ा बोनस (पीएलबी) या एडहॉक बोनस मिलता है। आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया अभी चल रही है और आयोग की सिफारिशें अभी सरकार को नहीं सौंपी गई हैं। आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था और उसे 18 महीने का समय दिया गया है।
सरकार की तरफ से इस मांग पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कर्मचारी संगठन दशहरा से पहले सकारात्मक फैसले की उम्मीद लगाए हुए हैं।



