क्रिप्टो निवेश के नाम पर BSF जवान से 10 लाख की साइबर ठगी, टेलीग्राम मैसेज से फंसाया
क्रिप्टो करेंसी में तुरंत और अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान को साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। मामला सामने आने के बाद पीड़ित जवान ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है और अब रांची सीआईडी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
टेलीग्राम मैसेज से शुरू हुई ठगी
जानकारी के अनुसार, मणिपुर में तैनात बीएसएफ जवान शिव नारायण दास, जो जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी मोहनपुर के निवासी हैं, को 17 मार्च को टेलीग्राम पर एक मैसेज मिला। मैसेज में ऑनलाइन टास्क पूरा कर क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से तुरंत लाभ कमाने का दावा किया गया था।
ठगों ने जवान को ‘जेनगो डाटा प्लेटफार्म’ नामक वेबसाइट पर निवेश करने के लिए कहा और वहां वॉलेट बनाकर लॉगिन आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया।
शुरुआत में दिया गया मुनाफा, बढ़ा भरोसा
पहले चरण में जवान से यूपीआई के माध्यम से 1015 रुपये जमा कराने को कहा गया। भुगतान के कुछ ही देर बाद 1418 रुपये लाभ सहित उसके खाते में भेज दिए गए। इससे जवान का भरोसा बढ़ गया।
इसके बाद ठगों ने क्रमशः 2520 रुपये और 1100 रुपये जमा करवाए। कुछ ही मिनटों में 5216 रुपये वापस भेजे गए। शुरुआती भुगतान पर लाभ मिलने से जवान लगातार अधिक रकम निवेश करता गया।
लाखों रुपये जमा कराने के बाद अकाउंट फ्रीज
ठगों ने आगे 5400 रुपये, 15999 रुपये और फिर 45999 रुपये जमा कराने को कहा। मुनाफे के लालच में जवान ने कई बार यूपीआई के जरिए भुगतान कर दिया।
कुछ समय बाद प्लेटफॉर्म पर दिख रहे पूरे निवेश और लाभ राशि को ठगों ने अचानक फ्रीज कर दिया। अकाउंट अनफ्रीज करने के नाम पर 98,500 रुपये और जमा कराने की मांग की गई। फंसी रकम वापस पाने की उम्मीद में जवान ने यह राशि भी भुगतान कर दी।
10 लाख से अधिक की ठगी का खुलासा
इसके बावजूद न तो पैसा वापस मिला और न ही अकाउंट चालू किया गया। उल्टा ठग लगातार और पैसे की मांग करते रहे। संदेह होने पर जवान ने प्लेटफॉर्म की जांच शुरू की, तब तक उससे लगभग 10 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की जा चुकी थी।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत
पीड़ित जवान ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई है। अब पूरे मामले में रांची सीआईडी थाना में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

