महाराजगंज: दो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी मामले में SSB महिला कर्मचारी गिरफ्तार, पति ने सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के नौतनवा में दो मासूम बच्चों की हत्या के बाद आत्महत्या करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में मृतक की पत्नी और सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात महिला कर्मी वंदना कुमारी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर पहले ही वंदना, उसके माता-पिता, भाई-भाभी और कथित प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या हुआ था?
बताया जाता है कि रविवार (8 मार्च) को नौतनवा के गांधी नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहने वाली एसएसबी कर्मी वंदना कुमारी ड्यूटी पर गई हुई थी। इसी दौरान उसके पति अमरीश ठाकुर ने पहले अपने दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मौके से मिले सुसाइड नोट में अमरीश ने लिखा था कि वह अपने बच्चों को अपने से दूर नहीं कर सकता, इसलिए उसने यह कदम उठाया।
पत्नी और उसके परिवार पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद अमरीश के भाई अश्वनी कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि अमरीश की पत्नी वंदना, उसके माता-पिता, भाई-भाभी और कथित प्रेमी सोनू गौतम की साजिश के कारण ही यह घटना हुई।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि वंदना अपने पति के सामने ही वीडियो कॉल पर अपने प्रेमी से बात करती थी और विरोध करने पर अमरीश को धमकाती थी।
घटना से पहले बनाए थे वीडियो
परिजनों के अनुसार, पत्नी के व्यवहार से परेशान होकर अमरीश ठाकुर ने घटना से पहले दो वीडियो भी बनाए थे, जिनमें उसने अपनी आत्महत्या के लिए पत्नी, उसके प्रेमी और परिवार वालों को जिम्मेदार बताया था।
इसके अलावा उसने कमरे की दीवार पर भी सुसाइड नोट लिखा था। इसके बाद उसने अपने दोनों बच्चों को फांसी पर लटकाया और फिर खुद भी फंदे से लटककर जान दे दी।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नौतनवा थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर वांछित आरोपी वंदना कुमारी (32), निवासी महमूदपुर थाना नोनहरा, जिला गाजीपुर को मंगलवार को थाना गेट से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसओ पुरुषोत्तम राव, एसआई अंबिका चौहान, तनु दुबे, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र तिवारी और कांस्टेबल राजन यादव शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

