पश्चिम बंगाल: इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर 7 CAPF जवानों पर कार्रवाई, चुनाव आयोग की सख्ती
पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सात जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। ये सभी जवान चुनावी तैनाती के दौरान मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज इलाके में आयोजित एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे। घटना मार्च के पहले सप्ताह की बताई जा रही है।
चुनाव आयोग (ECI) ने मामले को गंभीर मानते हुए सातों जवानों को राज्य से बाहर भेज दिया है। आयोग के निर्देश पर अलग-अलग स्तर की सजा दी गई है। तीन जवानों को सात दिन की पैरामिलिट्री जेल कस्टडी में रखा गया, दो जवानों को औपचारिक चेतावनी (रिप्रिमांड) दी गई, जबकि बाकी दो के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें आगे और कार्रवाई संभव है।
चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान CAPF कर्मियों को किसी भी सामाजिक कार्यक्रम, निमंत्रण, उपहार या आतिथ्य स्वीकार करने की पूरी तरह मनाही है। आयोग के अनुसार ऐसी गतिविधियां चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती हैं और स्वतंत्र व निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
यह मामला अब CAPF की प्री-डिप्लॉयमेंट ट्रेनिंग का हिस्सा बना दिया गया है। विभिन्न यूनिटों के कंपनी कमांडेंट तैनाती से पहले प्रशिक्षण सत्रों में इस घटना को उदाहरण के तौर पर शामिल कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे उल्लंघन न हों।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान विपक्षी दलों, खासकर बीजेपी समेत अन्य पार्टियों ने कई बार आरोप लगाए हैं कि कुछ सुरक्षा कर्मियों को स्थानीय प्रभावशाली लोगों से विशेष आतिथ्य या सुविधाएं मिलती हैं, जिससे निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग ने निगरानी और सख्त कर दी है।
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई नए कदम लागू किए हैं, जिनमें CAPF वाहनों की जियो-टैगिंग के जरिए रियल-टाइम GPS ट्रैकिंग, जवानों की दैनिक गतिविधि रिपोर्टिंग और अचानक ऑडिट शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस बार सख्त कार्रवाई जानबूझकर की गई है ताकि स्पष्ट संदेश जाए कि चुनाव ड्यूटी के दौरान नियमों से कोई समझौता नहीं होगा। आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को देखते हुए आयोग लगातार राज्य के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठकें भी कर रहा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्देशों को “फोर्स के अंतिम जवान” तक सख्ती से लागू किया जाएगा।

