SSB को ड्रोन, थर्मल इमेजर, फेस रिकग्निशन CCTV और आधुनिक उपकरण मिले , 5000 करोड़ से अधिक खर्च : गृह मंत्रालय ने लोक सभा में दी जानकारी
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। गृह मंत्रालय ने लोक सभा में जानकारी दी है कि SSB को अत्याधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस किया जा रहा है, ताकि बल की कार्यक्षमता और प्रदर्शन में सुधार किया जा सके।
हाई-टेक उपकरणों से लैस होगा SSB
बल की निगरानी क्षमता को बढ़ाने के लिए SSB ने कई आधुनिक उपकरण खरीदे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- ड्रोन तकनीक: मानवरहित हवाई वाहन (UAV) और माइक्रो UAV।
- निगरानी: ऑटोमैटिक फेस रिकग्निशन और नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम वाले CCTV कैमरे।
- कम्युनिकेशन: सैटेलाइट फोन और हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर।
- हथियार और वाहन: अत्याधुनिक हथियार, सुरक्षात्मक गियर, बख्तरबंद गाड़ियाँ और विशेष परिवहन वाहन।
बजट और खर्च का ब्यौरा
सरकार ने पिछले 10 वर्षों (2015-16 से 2025-26) के दौरान SSB के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारी निवेश किया है:
- कुल आवंटन: ₹5001.63 करोड़।
- अब तक खर्च: ₹4775.11 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है, और मौजूदा वित्तीय वर्ष (31 मार्च 2026) के अंत तक और भी राशि खर्च की जाएगी।
- आधुनिकीकरण योजना: मॉडर्नाइजेशन प्लान II, III और IV के तहत विशेष रूप से ₹241.15 करोड़ आवंटित किए गए थे, जिसमें से ₹210.02 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
जवानों को दी जा रही है स्पेशल ट्रेनिंग
केवल उपकरण ही नहीं, बल्कि जवानों के कौशल विकास पर भी जोर दिया जा रहा है:
- ड्रोन पायलट ट्रेनिंग: SSB कर्मियों को गुरुग्राम स्थित ‘ड्रोन डेस्टिनेशन’ संस्थान में ट्रेनिंग दी जा रही है।
- तकनीकी प्रशिक्षण: BSF में विशेष संचार उपकरणों का प्रशिक्षण और नई दिल्ली में योग प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
- भर्ती प्रक्रिया: खाली पदों को भरने के लिए UPSC, SSC और विभागीय स्तर पर नियमित नियुक्तियां और पदोन्नति (DPC) की जा रही है।
गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने बताया कि आधुनिकीकरण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

