विश्व पुस्तक मेला 2026: ‘सीमा प्रहरी’ पुस्तक के माध्यम से जीवंत हुईं बीएसएफ के वीरों की शौर्य गाथाएं
नई दिल्ली | प्रगति मैदान में आयोजित ‘विश्व पुस्तक मेला 2026’ में इन दिनों एक विशेष पुस्तक पाठकों और देशभक्तों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। नित्या शुक्ला और वंदना भाटिया पल्ली द्वारा लिखित पुस्तक ‘सीमा प्रहरी’ (हिंदी), सीमा सुरक्षा बल (BSF) के उन जांबाज जवानों को एक भावपूर्ण साहित्यिक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
हाइब्रो स्क्राइब्स पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक बीएसएफ के वीरता पुरस्कार विजेताओं के वृत्तांतों का पहला आधिकारिक और संरचित संकलन है।
वीरता के अनछुए पहलुओं का दस्तावेजीकरण
’सीमा प्रहरी’ का विमोचन 27 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली में बीएसएफ के पूर्व महानिदेशक श्री दलजीत सिंह द्वारा किया गया था। यह पुस्तक बल के उन नायकों की जीवन गाथाओं को संजोती है जिन्हें उनकी असाधारण बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया है। पुस्तक में शामिल मुख्य आकर्षणों में निम्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित जवानों की कहानियां हैं:
- 1 महावीर चक्र
- 3 कीर्ति चक्र
- 2 वीर चक्र
- 6 शौर्य चक्र
प्रत्येक अध्याय न केवल युद्ध के मैदान की रोमांचक कहानियों को बयां करता है, बल्कि उस अदम्य साहस को भी दर्शाता है जो एक सैनिक को घोर संकट के समय अडिग रखता है।
जीवन पर्यंत कर्तव्य” – एक जीवन दर्शन
पुस्तक के मूल में बीएसएफ का आदर्श वाक्य “जीवन पर्यंत कर्तव्य” (Duty unto Death) समाहित है। लेखिकाओं ने इसे केवल एक औपचारिक नारे के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया है।
लेखिका नित्या शुक्ला और वंदना भाटिया पल्ली के अनुसार, यह दर्शन केवल सीमा पर तैनात सैनिक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों के त्याग में भी झलकता है जो अपनों से दूर रहकर देश सेवा की राह को सुगम बनाते हैं। दुर्गम इलाकों की चुनौतियों से लेकर सर्वोच्च बलिदान तक, यह पुस्तक मानवीय संवेदनाओं और सैन्य अनुशासन के बीच एक सेतु का काम करती है।
विश्व पुस्तक मेले में आए पाठकों का कहना है कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जहाँ एक ओर यह सेना और अर्धसैनिक बलों के प्रति सम्मान जगाती है, वहीं दूसरी ओर देश की सुरक्षा व्यवस्था के उन पहलुओं से रूबरू कराती है जो अक्सर मुख्यधारा की चर्चाओं से ओझल रह जाते हैं।

