रक्सौल में SSB जवान मो. सलीम की सड़क हादसे में मौत, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। बिहार के रक्सौल में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं वाहिनी के जवान मो. सलीम की सड़क हादसे में हुई मृत्यु के बाद, आज उनके पैतृक गांव सेमरी में गमगीन माहौल के बीच उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सैन्य सम्मान और सशस्त्र सलामी के साथ शहीद जवान को अंतिम विदाई दी गई, जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और सुरक्षा बल के अधिकारी शामिल हुए।
ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, मो. सलीम मंगलवार शाम अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों की तत्परता से उन्हें तुरंत एसआरपी (SRP) अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ते देख डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। पटना में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
सैन्य सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि
शहीद जवान का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद सबसे पहले SSB 47वीं वाहिनी के मुख्यालय (हवाई अड्डा, रक्सौल) लाया गया। यहाँ बल के अधिकारियों और उनके साथी जवानों ने नम आंखों से उन्हें शस्त्र सलामी दी। पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ उनके बलिदान को याद किया गया और पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सेमरी ले जाया गया।

गांव में पसरा मातम, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही शहीद का शव सेमरी गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और शुभचिंतकों का तांता लग गया।
- शहीद की पत्नी अमरूल नेशा अपने पति के शव को देख सुध-बुध खो बैठीं।
- स्थानीय महिलाओं और परिजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया, लेकिन माहौल पूरी तरह गमगीन रहा।
अंतिम संस्कार और सुपुर्द-ए-खाक
नमाज-ए-जनाजा अदा करने के बाद, मो. सलीम के पार्थिव शरीर को स्थानीय कब्रिस्तान ले जाया गया। वहां SSB के जवानों ने हवा में गोलियां दागकर अपने साथी को अंतिम सलामी (Guard of Honour) दी। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मो. सलीम की इस असामयिक मृत्यु से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी 47वीं वाहिनी और क्षेत्र के लोगों में गहरा दुख है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।

