क्या बनेगा Paramilitary Flag Fund? राज्यसभा में सरकार ने दिया जवाब | NEWS OF PARAMILITARY
नई दिल्ली: संसद के मौजूदा सत्र के दौरान राज्यसभा में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस (CAPFs) और असम राइफल्स (AR) के कल्याण और उनके प्रतीकों को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया। राज्यसभा सांसद श्री शक्तिसिंह गोहिल ने सरकार से अर्धसैनिक बलों के लिए एक समर्पित ‘पैरामिलेट्री फ्लैग फंड’ बनाने और बलों के साझा ध्वज को लेकर प्रश्न पूछा।
संसद में क्या था सवाल?
सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने गृह मंत्रालय से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था:
- जब रक्षा बलों (थल सेना, नौसेना, वायु सेना) के अपने अलग झंडे और स्थापना दिवस होते हैं, तो CAPFs के लिए एक साझा ध्वज न होने का क्या कारण है?
- क्या सरकार ‘सेना फ्लैग फंड’ (Sena Flag Fund) की तर्ज पर एक ‘पैरामिलेट्री/CAPF फ्लैग फंड’ स्थापित करने पर विचार कर रही है, जिसमें जनता स्वेच्छा से जवानों के कल्याण के लिए दान दे सके?
सरकार का आधिकारिक जवाब
गृह मंत्रालय की ओर से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज (4 फरवरी, 2026) लिखित उत्तर देते हुए स्थिति स्पष्ट की।
- अलग पहचान और गौरव: सरकार ने बताया कि प्रत्येक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (जैसे CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB) का अपना एक अलग ध्वज है। यह ध्वज उस बल की विशिष्ट पहचान, संगठनात्मक गौरव और उनकी विशेष परिचालन विशेषज्ञता (Operational Specialization) का प्रतीक है।
- स्थापना दिवस: प्रत्येक बल अपनी परंपरा के अनुसार अपना स्थापना दिवस अलग-अलग मनाता है।
- जवानों का कल्याण: सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा में CAPFs और असम राइफल्स द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका से पूरी तरह अवगत है और उनके कर्मियों की कल्याणकारी आवश्यकताओं को उच्च प्राथमिकता देती है।
हालांकि सरकार ने ‘फ्लैग फंड’ के गठन पर कोई सीधा वादा नहीं किया, लेकिन यह दोहराया कि बलों की वर्तमान व्यवस्था उनकी विशेषज्ञता और पहचान को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। वर्तमान में, अर्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए ‘भारत के वीर’ जैसे पोर्टल और अन्य विभागीय कल्याण कोष सक्रिय हैं।
रिपोर्ट: News of Paramilitary (CAPF)


