सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! रिटायरमेंट के एक दिन बाद ही मिलेगी ग्रेच्युटी, पेंशन के लिए सख्त ‘डेडलाइन’ जारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद के वित्तीय जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब सरकारी कर्मचारियों को पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाले पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने पेंशन भुगतान की पूरी प्रक्रिया के लिए कड़े नियम और एक निश्चित समय-सीमा (Timelines) जारी की है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य “ईज़ ऑफ लिविंग” (Ease of Living) को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी को उसकी सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन ग्रेच्युटी और अन्य सभी बकाया राशि मिल जाए।
नए नियमों में क्या बदला? ‘डेडलाइन’ पर एक नजर
DoPPW द्वारा 31 अक्टूबर, 2025 को जारी किए गए कार्यालय ज्ञापन में, केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमावली, 2021 के तहत सभी विभागों के लिए समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य कर दी गई है।
| कार्य | नई समय-सीमा (New Deadline) |
| PPO (पेंशन भुगतान आदेश) जारी करना | सेवानिवृत्ति की तारीख से 60 दिन पहले |
| ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान | सेवानिवृत्ति के अगले दिन |
| पहली मासिक पेंशन का भुगतान | सेवानिवृत्ति के बाद आने वाले महीने के आखिरी दिन तक |
| रिटायर होने वाले कर्मचारियों की सूची | HoD द्वारा हर महीने की 15 तारीख तक, अगले 15 महीनों में रिटायर होने वालों की सूची तैयार करना। |
देरी हुई तो होगी कार्रवाई!
यह पहली बार है जब पेंशन प्रक्रिया को इतना सख्त और परिणाम-उन्मुख (Result-Oriented) बनाया गया है। अब पेंशन भुगतान में किसी भी तरह की देरी सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करेगी।
- विजिलेंस क्लियरेंस की बाध्यता खत्म: अब यह साफ कर दिया गया है कि विजिलेंस क्लियरेंस न मिलने के कारण किसी भी कर्मचारी की पेंशन नहीं रोकी जाएगी। विभाग को यह क्लियरेंस रिटायरमेंट से कम से कम 3 महीने पहले जारी करना होगा।
- डिजिटल कवच: ‘भविष्य’ पोर्टल: पेंशन ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘भविष्य’ (Bhavishya) पोर्टल को और मजबूत किया जा रहा है। इसमें ऑटो-फ्लैगिंग की सुविधा होगी, जिससे कोई भी केस निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक लंबित नहीं रह पाएगा।
- “पेंशन मित्र” की नियुक्ति: हर विभाग में एक ‘पेंशन मित्र’ या कल्याण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सभी फॉर्म भरने और कागजी कार्रवाई में व्यक्तिगत सहायता प्रदान करेगा।
- 2 साल बाद पेंशन कटौती पर रोक: एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में कहा गया है कि यदि पेंशन या पारिवारिक पेंशन में कोई गलती दो साल से अधिक समय बाद पाई जाती है, तो उसे पेंशनभोगी के नुकसान में कम करने से पहले DoPPW की अनिवार्य मंजूरी लेनी होगी। यह कदम सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद होने वाली अप्रत्याशित कटौती से कर्मचारियों को बचाता है।
संक्षेप में, सरकार ने पूरी प्रक्रिया को कागजी कार्रवाई से निकालकर डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने और हर चरण के लिए जवाबदेही तय करने का फैसला किया है। यह कदम सरकारी कर्मचारियों के लिए उनके जीवन के अंतिम चरण में एक बड़ी वित्तीय सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करता है।

