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एनएसजी का NIDMS लॉन्च, आतंकवादी घटनाओं की जांच में मिलेगा एकीकृत राष्ट्रीय डेटा,NIDMS से जुड़ेगी NIA, ATS और सभी CAPF

देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के National IED Data Management System (NIDMS) का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने कहा कि देश के किसी भी कोने में आपात स्थिति होने पर अब एनएसजी एक से डेढ़ घंटे के भीतर पहुंचने में सक्षम होगी।

गृह मंत्री ने बताया कि एनएसजी 365 दिन और 24 घंटे पूरी तरह सतर्क रहती है और इसकी तत्परता का लाभ देश को लगातार मिल रहा है। दिल्ली में मौजूद स्पेशल एक्शन ग्रुप्स काउंटर टेररिज्म और एंटी-हाइजैकिंग ऑपरेशनों के लिए हर समय तैयार रहते हैं।

आतंकवाद के खिलाफ ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ सुरक्षा कवच बनेगा NIDMS

अमित शाह ने कहा कि NIDMS आने वाले समय में देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच, विश्लेषण और रणनीति निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्लेटफॉर्म आतंकवाद के खिलाफ नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा।

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के पास पिछले कई वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा उपलब्ध थे, लेकिन वे अलग-अलग बिखरे हुए थे। अब इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उन्नत सॉफ्टवेयर के जरिए विश्लेषण किया जाएगा। NIDMS की शुरुआत इस प्रक्रिया को तेज करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

एनआईए, एटीएस, राज्य पुलिस और CAPF को मिलेगा एकीकृत डेटा प्लेटफॉर्म

गृह मंत्री ने कहा कि NIDMS के माध्यम से एनआईए, देशभर की एटीएस, राज्य पुलिस और सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। यह प्लेटफॉर्म दो-तरफा होगा, जिसमें देश के किसी भी हिस्से में हुए विस्फोट या आईईडी से जुड़ी घटना का डेटा तुरंत अपलोड और साझा किया जा सकेगा।

इससे राज्यों को जांच के दौरान आवश्यक तकनीकी और रणनीतिक मार्गदर्शन मिलेगा। NIDMS आतंकवादी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

1999 से अब तक के बम विस्फोटों का डेटा होगा साझा

एनएसजी के पास वर्ष 1999 से अब तक हुए सभी बम विस्फोटों से संबंधित विस्तृत डेटाबेस मौजूद है। NIDMS के जरिए यह डेटा अब देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म बम विस्फोटों के पैटर्न, मॉड्स आपरेंडी और इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों का सटीक विश्लेषण करने में सक्षम होगा।

इसके माध्यम से घटनाओं के बीच आपसी संबंध, सर्किट पद्धति और समग्र ट्रेंड को समझने में बड़ी मदद मिलेगी। NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित और वैज्ञानिक विश्लेषण सुनिश्चित करेगा।

‘One Nation, One Data Repository’ की ओर बड़ा कदम

अमित शाह ने कहा कि ‘One Nation, One Data Repository’ की अवधारणा के तहत अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा और वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव हो सकेगा। साथ ही, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय भी और मजबूत होगा।

देशभर में एनएसजी हब से घटेगा रिस्पॉन्स टाइम

गृह मंत्री ने एनएसजी को भारत की विश्वस्तरीय और Zero-Error फोर्स बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना 1984 में हुई थी और तब से लेकर अब तक एनएसजी ने बदलते सुरक्षा परिदृश्य के साथ खुद को लगातार अपडेट किया है।

उन्होंने बताया कि एनएसजी के क्षेत्रीय हब अब मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद में सक्रिय हैं, जबकि अयोध्या में एक नया हब निर्माणाधीन है। सभी हब पूरी तरह सक्रिय होने के बाद, खासकर अयोध्या हब के चालू होने से, देश के किसी भी हिस्से में आपात स्थिति के दौरान एनएसजी की पहुंच का समय काफी कम हो जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह पूरा प्रयास सही सूचना को सही समय पर सही जगह तक पहुंचाने का है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

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