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31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य, लोकसभा में गृह मंत्रालय ने साझा की प्रगति रिपोर्ट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बताया है कि अंतर-राज्यीय समन्वय, नियमित समीक्षा बैठकों और बहु-आयामी रणनीति के कारण देश में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सल मुक्त बनाना है।

लोकसभा में 3 फरवरी 2026 को पूछे गए स्टार प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि वर्ष 2015 में लागू “राष्ट्रीय नीति एवं कार्ययोजना” के तहत सुरक्षा, विकास और पुनर्वास—तीनों मोर्चों पर एक साथ कार्य किया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय कमी

सरकार के अनुसार, वर्ष 2018 में जहां 126 जिले नक्सल प्रभावित थे, वहीं दिसंबर 2025 तक इनकी संख्या घटकर 8 रह गई है। इनमें से केवल 3 जिले अब ‘अत्यधिक प्रभावित’ श्रेणी में हैं। नक्सल हिंसा की घटनाओं में भी निरंतर गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2010 में 1936 घटनाओं की तुलना में वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 234 रह गई। इसी अवधि में नागरिकों और सुरक्षा बलों की मौतों में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।

सुरक्षा और पुलिस ढांचे को मजबूत किया गया

गृह मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती, हेलीकॉप्टर सहायता, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए हैं। अब तक 656 सुदृढ़ (फोर्टिफाइड) पुलिस स्टेशन बनाए जा चुके हैं। वर्ष 2014-15 से अब तक सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत 3681 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है।

आत्मसमर्पण और पुनर्वास पर जोर

सरकार ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत नक्सली कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2025 में 2337 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 1022 को गिरफ्तार किया गया और 364 को मुठभेड़ों में निष्क्रिय किया गया।

विकास योजनाओं से बदली स्थिति

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सड़क संपर्क योजनाओं के तहत 15,000 किलोमीटर से अधिक सड़कें बनाई गई हैं। इसके अलावा, 9,233 मोबाइल टावर, 179 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 46 आईटीआई और 49 कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। वित्तीय समावेशन के लिए बैंक शाखाओं, एटीएम और डाकघर बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया गया है।

सरकार का रुख

गृह मंत्रालय ने दोहराया कि केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन और प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के अनुसार, मौजूदा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद का भौगोलिक दायरा और हिंसा दोनों में लगातार कमी आ रही है।

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