NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)

देशभक्ति और सूचना का सशक्त मंच

CRPF NEWS

Exclusive | KBC के एक करोड़ के विजेता बिप्लब बिश्वास ने CRPF से दिया इस्तीफा, वर्दी के बाद अब जनसेवा का संकल्प

कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में एक करोड़ रुपये जीतकर देशभर में पहचान बनाने वाले सीआरपीएफ के सीनियर इंस्पेक्टर बिप्लब बिश्वास ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पदस्थ थे। बिप्लब ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर समाजसेवा और सक्रिय सार्वजनिक जीवन की ओर कदम बढ़ाने का फैसला किया है। 31 जनवरी को सीआरपीएफ में उनका सेवा का अंतिम दिन होगा।

मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के निवासी बिप्लब बिश्वास की इकलौती बेटी अलीशा रांची में पढ़ाई कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने चार और बेटियों को गोद लिया है—जिनमें से एक नौवीं कक्षा में पढ़ रही है, दो को बैंक और सीआरपीएफ में नौकरी मिल चुकी है, जबकि एक का विवाह सेना के जवान से हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण को वे अपनी आगे की जीवन-यात्रा का लक्ष्य बता रहे हैं।

केबीसी से मिली पहचान, समाज तक पहुंची आवाज

बिप्लब बिश्वास के अनुसार, केबीसी में भाग लेने का उनका स्पष्ट लक्ष्य एक करोड़ रुपये जीतना था। हाल ही में रायपुर में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के बाद वे ‘नईदुनिया’ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि केबीसी के मंच ने उन्हें एक सेलिब्रिटी पहचान दी है। इस पहचान से अब वे अपनी बात समाज के हर वर्ग तक सीधे पहुंचा पा रहे हैं।

कुछ अधिकारियों ने उनकी वरिष्ठता का हवाला देते हुए डीएसपी पद पर संभावित पदोन्नति की संभावना भी जताई और सेवा में बने रहने की सलाह दी, लेकिन बिप्लब का कहना है कि वे भीतर से बेचैन हैं। उनके अनुसार, सामाजिक सुधार के लिए मैदान में उतरकर काम करने की जरूरत अधिक है।

CRPF में भ्रष्टाचार नहीं, पर समाज में सुधार जरूरी”

बिप्लब को इस बात का गर्व है कि सीआरपीएफ एक भ्रष्टाचार-मुक्त बल है, जहां देश सेवा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहना पड़ता है। उसी अनुशासन और संस्कार से मिली ऊर्जा के साथ वे अब समाज में एकता और जागरूकता के लिए काम करना चाहते हैं। उनका मानना है कि जातिवाद ने देश को कमजोर किया है और आज भी राजनीतिक हितों के लिए समाज को बांटा जा रहा है। उनके अनुसार, एकजुट समाज के बिना देश सुरक्षित नहीं रह सकता।

‘ड्यूटी टू सेलिब्रिटी’ का सफर

केबीसी में एक करोड़ जीतने के बाद बिप्लब का सफर ‘ड्यूटी टू सेलिब्रिटी’ की मिसाल बन गया है। स्नातक तक पढ़ाई के बाद आर्थिक कठिनाइयों के चलते उन्होंने 1993 में CRPF में कांस्टेबल के रूप में भर्ती ली। उनकी पहली तैनाती मणिपुर में हुई। वर्षों की सेवा, अनुशासन और आत्मनियंत्रण ने उन्हें यहां तक पहुंचाया।

वे युवाओं को लक्ष्य तय करने और समय के बेहतर उपयोग की प्रेरणा भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि लोग अपने समय का बड़ा हिस्सा उन बातों में गंवा देते हैं जो उनके नियंत्रण में नहीं होतीं। यदि वही समय लक्ष्य पर लगाया जाए, तो सफलता निश्चित है।

संघर्षों से सजी कहानी

बिप्लब की सफलता की कहानी संघर्षों से होकर गुजरी है। बचपन में उन्होंने दूसरों के खेतों में मजदूरी की। एक दुर्घटना में पिता की आंखों की रोशनी चली गई, जिसके बाद शिक्षक बनने का सपना छोड़कर उन्होंने CRPF जॉइन किया। वे अपनी वर्तमान उपलब्धियों का श्रेय अपनी दिवंगत पत्नी को भी देते हैं, जिनका कोरोना काल में निधन हो गया था। पत्नी बेटी की पढ़ाई के लिए रांची में रहती थीं और केबीसी में भाग लेने के लिए उन्हें निरंतर प्रेरित करती थीं।

बिप्लब का कहना है कि व्यक्ति नौकरी आर्थिक सुरक्षा के लिए करता है, लेकिन खुशी हर किसी को नौकरी में नहीं मिलती। वे अब त्यागपत्र दे चुके हैं और समाज के लिए ऐसा काम करना चाहते हैं जिससे उन्हें संतोष और खुशी मिले। यही उनके जीवन की अगली पारी होगी।

Spread the love

Editorial Desk – News of Paramilitary

Editorial Desk, News of Paramilitary, covers verified news, policy updates and field reports related to India’s Paramilitary Forces. Content is published following strict editorial standards.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page