ITBP के वीर बलिदानी अनूप श्रीवास्तव के स्मारक के लिए 25 वर्गफीट जमीन पर अटका मामला, 6 माह से फाइल लंबित
झांसी। शहीदों के सम्मान को लेकर सरकार और प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे करते हों, लेकिन झांसी नगर निगम में एक शहीद के स्मारक के लिए मात्र 25 वर्गफीट जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पिछले छह माह से लंबित पड़ा है। करीब 1100 एकड़ जमीन का मालिक नगर निगम अब तक शहीद के सम्मान में जमीन आवंटित नहीं कर सका है।
मामला ब्रह्मनगर निवासी शहीद अनूप श्रीवास्तव से जुड़ा है, जो भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में सहायक सेनानी के पद पर तैनात थे। 20 फरवरी 1991 को हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान वे शहीद हो गए थे। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शहीदों के नाम पर स्मारक बनाने के निर्देश दिए जाने के बाद उनके सम्मान में स्मारक निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई।
30 अगस्त 2025 को लिखा गया था पत्र
आईटीबीपी की सपोर्ट वाहिनी करैरा (शिवपुरी) के कमांडेंट ने 30 अगस्त 2025 को नगर आयुक्त के नाम पत्र लिखकर स्मारक निर्माण हेतु जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, ताकि 20 फरवरी को शहीदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जा सके। पत्र के बाद फाइल तो आगे बढ़ी, लेकिन छह माह बाद भी जमीन आवंटन नहीं हो सका।
नगर निगम के संपत्ति विभाग ने शुरुआत में बोर्ड से प्रस्ताव पारित न होने का हवाला दिया। इसके बाद पार्षद कन्हैया कपूर ने पहल करते हुए 40 पार्षदों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए। बाद में 31 दिसंबर की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित भी हो गया, लेकिन कार्यवृत्त जारी न होने के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ सकी।
विधायक ने भी लिखा पत्र
सदर विधायक रवि शर्मा ने भी नगर निगम को पत्र लिखकर जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके बावजूद प्रशासनिक प्रक्रिया में प्रस्ताव उलझा हुआ है। शहीद के भाई डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि आईटीबीपी द्वारा स्मारक का निर्माण स्वयं कराया जाएगा, नगर निगम को केवल जमीन उपलब्ध करानी है। पिछले छह माह से लगातार पत्राचार के बावजूद अब तक स्वीकृति नहीं मिली है।
इन स्थानों पर मांगी गई जमीन
स्मारक के लिए निम्न स्थान प्रस्तावित किए गए हैं—
- सीपरी बाजार स्थित लहर की देवी मंदिर के सामने पार्क
- चंद्रशेखर आजाद पार्क, जैन डेयरी के सामने
- गुरु हरकिशन डिग्री कॉलेज के सामने प्रस्तावित नए पार्क क्षेत्र
5 दिन बाद शहीदी दिवस
20 फरवरी को शहीद अनूप श्रीवास्तव का शहीदी दिवस है। आईटीबीपी ने बार-बार आग्रह किया है कि समय रहते जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया जा सके।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
पार्षद कन्हैया कपूर ने कहा, “नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, लेकिन शहीद के स्मारक के लिए 25 वर्गफीट जमीन देने में छह माह से फाइल अटकी है। 40 पार्षदों की सहमति और बोर्ड की मंजूरी के बावजूद जमीन नहीं मिलना बेहद शर्मनाक है।”
वहीं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का कहना है कि आईटीबीपी द्वारा भेजा गया प्रस्ताव संज्ञान में नहीं आया है। मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी।
शहीद के सम्मान से जुड़ा यह मामला प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि शहीदी दिवस से पहले नगर निगम कोई ठोस निर्णय ले पाता है या नहीं।

