DG BSF ने प्रहरियों को संबोधित किया, वीरता गाथाओं की पुस्तक का विमोचन | 30 नवंबर से पहले भावुक संदेश
नई दिल्ली।
बीएसएफ महानिदेशक (DG BSF) श्री दलजीत सिंह चौधरी ने कल नयी दिल्ली स्थित निजामुद्दीन बीएसएफ सुविधा केंद्र में आयोजित प्रहरी सम्मेलन (Prahari Samelan) को संबोधित किया। सम्मेलन में उन्होंने सीमा सुरक्षा में तैनात प्रत्येक सीमा प्रहरी के समर्पण, व्यावसायिकता और अटूट राष्ट्रभक्ति की सराहना की।

डीजी बीएसएफ ने विभिन्न सीमांत क्षेत्रों के अपने दौरों को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने हर मोर्चे पर तैनात जवानों की अदम्य हिम्मत, कर्तव्यनिष्ठा और कठिन परिस्थितियों में निरंतर सतर्कता को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि “सीमा प्रहरियों की यही निष्ठा हमारे देश की संप्रभुता और अखंडता की सबसे बड़ी ढाल है।”

उन्होंने सभी जवानों से शारीरिक व मानसिक फिटनेस बनाए रखने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि फिटनेस न केवल ड्यूटी के बेहतर निष्पादन में मदद करती है बल्कि व्यक्तिगत जीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
वीरता की गाथाओं वाली पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर डीजी बीएसएफ ने एक विशेष पुस्तक “सीमा प्रहरी – कर्तव्य, साहस व समर्पण की अमर गाथाएँ” का भी विमोचन किया। इस पुस्तक में महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और वीर चक्र से सम्मानित बीएसएफ वीरों की प्रेरक कहानियाँ संकलित की गई हैं।

सेवानिवृत्ति से पूर्व भावुक संदेश
श्री दलजीत सिंह चौधरी 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। सम्मेलन के दौरान उन्होंने इस उत्कृष्ट बल का नेतृत्व करने पर गर्व और कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने बीएसएफ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि बल की निरंतर उपलब्धियाँ देश को गौरवान्वित करती रहेंगी।
यह सम्मेलन BISAG के माध्यम से सीधा प्रसारण कर देशभर के बीएसएफ जवानों, यहाँ तक कि सीमा चौकियों (BOPs) तक पहुँचा, जिससे डीजी के संदेश हर प्रहरी तक सीधे पहुँचे।

