CRPF रेडियो ऑपरेटर कैडर में ‘पदोन्नति का सूखा’: सेवानिवृत्त एसआई (RO) अरुण कुमार ने लगाई गृह मंत्री से न्याय की गुहार
नई दिल्ली: केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के भीतर तकनीकी रीढ़ माने जाने वाले रेडियो ऑपरेटर (RO) कैडर में व्याप्त पदोन्नति की विसंगतियों और संरचनात्मक भेदभाव का मामला अब गृह मंत्रालय की चौखट पर पहुँच गया है। सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर (RO) अरुण कुमार राणा द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को भेजे गए एक प्रार्थना पत्र में बल के भीतर वर्षों से चले आ रहे “संस्थागत अन्याय” की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।
20 साल से एक ही पद पर: मानसिक तनाव और स्टैगनेशन
आवेदन के अनुसार, जहाँ GD (General Duty) कैडर और RO कैडर समान परिस्थितियों और जोखिमों में कार्य करते हैं, वहीं पदोन्नति के अवसरों में भारी असमानता है。 पत्र में दावा किया गया है कि कई रेडियो ऑपरेटर 19-20 वर्षों तक एक ही पद पर कार्यरत रहने को मजबूर हैं, जिससे कर्मियों में मानसिक तनाव और समयपूर्व सेवानिवृत्ति (VRS) की प्रवृत्ति बढ़ रही है。
स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बार कनिष्ठ कर्मी पदोन्नत होकर अपने ही उन वरिष्ठों के अधिकारी बन जाते हैं, जिनके अधीन उन्होंने कभी प्रशिक्षण लिया था。
अन्य बलों की तुलना में बदतर स्थिति
रिपोर्ट में अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ तुलना करते हुए बताया गया है कि SSB जैसे बलों में हेड कांस्टेबल रेडियो ऑपरेटर को लगभग 10 वर्षों में अगली रैंक मिल जाती है, जबकि CRPF में यह अवधि अत्यधिक लंबी है。
रैंक संरचना और पदोन्नति कोर्सों में विसंगतियाँ
पत्र में प्रमुख तकनीकी बाधाओं का भी उल्लेख किया गया है:
- संरचनात्मक सुधार का अभाव: पिछले 20 वर्षों में GD कंपनियों में पदों की संख्या बढ़ाई गई है, लेकिन सिग्नल/RO कैडर की रैंक संरचना वैसी ही पुरानी बनी हुई है。
- पदोन्नति कोर्स में देरी: नियमों के अनुसार ROUG/ASIPC कोर्स 6 साल में होना चाहिए, लेकिन 20 साल की सेवा के बाद भी कर्मियों को इसमें शामिल होने का मौका नहीं मिल रहा है。
- आयु सीमा का दबाव: वर्तमान में यह कोर्स 40-45 वर्ष की आयु के कर्मियों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं, जो उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है。
सुधार हेतु प्रमुख सुझाव
सेवानिवृत्त अधिकारी ने गृह मंत्री से निम्नलिखित नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की है:
- रेडियो ऑपरेटर के रूप में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर अगली रैंक में पदोन्नति दी जाए。
- ROUG/SUOCC जैसी कठिन शर्तों की समीक्षा या उनमें ढील दी जाए。
- लंबित कैडर रिव्यू को शीघ्र लागू किया जाए और GD कैडर के अनुपात में RO कैडर का पुनर्गठन हो。
यह प्रार्थना पत्र पैरामिलिट्री संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री दीपेश भाई पटेल को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है, ताकि इस संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक स्तर पर चर्चा की जा सके。

