CRPF जवानों ने शादी में निभाई ‘पिता’ की रस्म: शहीद पिता की बेटी की थामी चुनरी, नवदंपति के सुखद जीवन की कामना की
अमेठी। अमेठी जिले के संग्रामपुर में जोगापुर अमरपुर निवासी शहीद CRPF जवान केदारनाथ मिश्र की छोटी बेटी सुषमा मिश्रा का विवाह गुरुवार को पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह समारोह में सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने एक अविस्मरणीय भूमिका निभाई, उन्होंने शहीद पिता का दायित्व निभाते हुए दुल्हन के सिर पर चुनरी थामकर ‘साया’ की रस्म पूरी की और नवदंपति को आशीर्वाद दिया।

😭 देश के लिए बलिदान, परिवार के लिए सहारा
शहीद केदारनाथ मिश्र ने देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। वह 17 अगस्त 2006 को जम्मू-कश्मीर के लाल चौक के पास गश्त के दौरान आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। क्षेत्र के लोग आज भी उनके अदम्य साहस और बलिदान को गर्व से याद करते हैं।
शहीद की पत्नी उषा मिश्रा अपनी दोनों बेटियों पुष्पा (जिनका विवाह पहले हो चुका है) और सुषमा, तथा अविवाहित पुत्र शशिकांत मिश्र के साथ परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं।
💖 जवानों ने निभाया फर्ज, दुल्हन को दिया ‘पिता का साया’
सुषमा मिश्रा का विवाह 4 दिसंबर को कुलदीप शुक्ला से हुआ, जो गौरीगंज (अमेठी) के हरखपुर निवासी हैं। विवाह समारोह में सीआरपीएफ के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और परिवार के सदस्य की तरह विभिन्न पारंपरिक रस्मों में भाग लिया।
- ‘साया’ की रस्म: जवानों ने दुल्हन के सिर पर चुनरी थामकर पिता की रस्म पूरी की, जो इस बात का प्रतीक है कि संगठन हमेशा शहीद के परिवार के साथ खड़ा है।
- उपहार और सम्मान: संगठन की ओर से नवदंपति को चेक और उपहार भी भेंट किए गए।

सीआरपीएफ अधिकारियों ने इस मौके पर कहा कि शहीद का परिवार उनकी जिम्मेदारी है और शहीद की बेटी उनकी अपनी बेटी है। इस भावुक पहल के लिए शहीद के चाचा राम किशन मिश्र ने भी सीआरपीएफ के जवानों और अधिकारियों की सराहना की।
सीआरपीएफ के जवानों ने अपने शहीद साथी केदारनाथ मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित की और सुषमा और कुलदीप के सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। यह पहल सेना और अर्धसैनिक बलों के ‘परिवार पहले’ के सिद्धांत और जवानों के बीच अटूट बंधन को दर्शाती है।

