CRPF जवान नंदकिशोर प्रजापत 18 दिनों से लापता, छुट्टी पर घर जाते समय रहस्यमय गुमशुदगी
देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा में तैनात एक जांबाज जवान जब अपने घर के लिए रवाना होता है, तो परिवार में खुशियों का माहौल बनता है। लेकिन राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम कस्बे में रहने वाले प्रजापत परिवार के लिए यह खुशियां अब चिंता और आंसुओं में बदल चुकी हैं। नीमच (मध्य प्रदेश) में तैनात सीआरपीएफ कांस्टेबल नंदकिशोर प्रजापत पिछले 18 दिनों से लापता हैं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
27 दिसंबर को घर के लिए निकले थे
सीआरपीएफ कांस्टेबल नंदकिशोर प्रजापत नीमच स्थित सीआरपीएफ कैंप में कार्यरत हैं। उन्होंने 27 दिसंबर 2025 को 50 दिनों की छुट्टी ली थी ताकि परिवार के साथ समय बिता सकें। परिजनों के अनुसार उनकी अंतिम बातचीत 26 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद से उनका मोबाइल नंबर 94077-09906 लगातार बंद आ रहा है।
मामला तब और रहस्यमय हो गया जब एक परिचित मांगीलाल ने परिवार को फोन कर बताया कि नंदकिशोर का मोबाइल और निजी सामान सीआरपीएफ कैंप में ही पड़ा हुआ है।
कैंप से नहीं मिला संतोषजनक जवाब
सूचना मिलने के बाद नंदकिशोर के बेटे पंकज प्रजापत और भतीजे पवन प्रजापत नीमच कैंप पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि जवान आधिकारिक रूप से छुट्टी पर जा चुका है।
नंदकिशोर के भाई महेंद्र प्रजापत का कहना है कि कैंप अधिकारियों ने केवल एक गेट का सीसीटीवी फुटेज दिखाया और कहा गया कि “अगर वे 50 दिन बाद ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तब आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस में गुमशुदगी दर्ज, जांच धीमी
परिजनों ने नीमच थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार का आरोप है कि पुलिस और विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
भीम स्थित घर पर नंदकिशोर की 70 वर्षीय बुजुर्ग मां, पत्नी और बच्चे सदमे में हैं। परिवार के हर सदस्य की आंखें दरवाजे पर टिकी हैं। बुजुर्ग मां बस यही पूछ रही हैं कि उनका बेटा आखिर कहां है।
कई सवाल, कोई जवाब नहीं
परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं—
- अगर जवान छुट्टी पर निकला था, तो उसका मोबाइल और सामान कैंप में कैसे रह गया?
- अगर वह रास्ते में कहीं लापता हुआ, तो अब तक कोई सुराग क्यों नहीं मिला?
- क्या किसी बड़ी अनहोनी से इनकार किया जा सकता है?
देश की सुरक्षा में तैनात एक जवान आज खुद असुरक्षित है या किसी बड़ी साजिश अथवा हादसे का शिकार हो गया है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
सरकार से मदद की गुहार
परिजनों ने अब राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार, सीआरपीएफ के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से मामले में तत्काल और गंभीर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नंदकिशोर प्रजापत का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।

