CRPF की ASI (टेक्निकल) भर्ती पर गंभीर सवाल: एक ही क्षेत्र के 50% चयनित, बेसिक ट्रेनिंग में आधे फेल
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की एएसआई (टेक्निकल) भर्ती 2023 अब गंभीर विवादों में घिरती दिख रही है। अमर उजाला ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि बल मुख्यालय के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, इस भर्ती में असामान्य भौगोलिक एकरूपता, एक ही कोचिंग सेंटर का प्रभाव, और बेसिक ट्रेनिंग में अभूतपूर्व फेलियर रेट जैसी विसंगतियों ने पूरी चयन प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
एक ही इलाके से 50% चयनित उम्मीदवार
अमर उजाला डॉट कॉम के पास मौजूद दस्तावेज़ बताते हैं कि एएसआई (टेक्निकल) के 123 प्रारंभिक चयनित उम्मीदवारों में से लगभग 60, केवल राजस्थान के 3–4 जिलों से थे। इसके अलावा, 35 उम्मीदवार राजस्थान से सटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से पाए गए। यह परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की गई थी, इसलिए इस असामान्य भौगोलिक समानता ने पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बेसिक ट्रेनिंग में आधे से ज्यादा उम्मीदवार फेल
चयनित 107 उम्मीदवारों की बेसिक ट्रेनिंग रांची के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज (टेलीकॉम एवं आईटी) में शुरू हुई। प्रशिक्षण के बाद अंतिम परीक्षा में 107 में से 53 उम्मीदवार फेल हो गए, जो कि किसी भी केंद्रीय बल की भर्ती में बेहद असामान्य माना जाता है।
सतर्कता शाखा के अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में असफल होना इस ओर संकेत है कि प्रारंभिक चयन प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं या फिर बाहरी प्रभाव के कारण अनुचित उम्मीदवारों की भर्ती हुई।
एक कोचिंग सेंटर की भूमिका पर शक
सूत्रों ने बताया कि कई चयनित उम्मीदवार एक ही कोचिंग सेंटर से जुड़े पाए गए हैं। आरोप है कि दिल्ली स्थित एक खास कोचिंग सेंटर ने परीक्षा प्रक्रिया में अनुचित भूमिका निभाई। इस संबंध में सीआरपीएफ की आंतरिक सतर्कता शाखा जांच कर रही है।
भर्ती प्रक्रिया और PSU एजेंसी पर भी सवाल
यह भी पता चला है कि भर्ती परीक्षा का संचालन सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसी Education Consulting India Limited (EdCIL) द्वारा किया गया था। सीआरपीएफ ने इस एजेंसी से भी विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
एजेंसी के दिल्ली और नोएडा कार्यालयों को जांच के दायरे में रखा गया है।
शीर्ष स्तर पर कार्रवाई की तैयारी
सीआरपीएफ के महानिदेशक मामले में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाए हुए हैं। विभागीय जांच के साथ-साथ इस केस को किसी केंद्रीय एजेंसी—जैसे सीबीआई या ईडी—के हवाले किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
डीआईजी (पर्स/पीआर) एम. दिनाकरण से आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल और संदेशों का कोई जवाब नहीं मिला।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अयोग्य उम्मीदवारों का चयन न केवल बल की पेशेवर क्षमता को कमजोर करता है बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।
53 उम्मीदवारों का ट्रेनिंग में फेल होना दर्शाता है कि परीक्षा की पारदर्शिता, मेरिट आधारित चयन और निगरानी—तीनों में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है।
निष्कर्ष:
सीआरपीएफ की इस भर्ती ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
- क्या चयन प्रक्रिया बाहरी प्रभावों से प्रभावित हुई?
- क्या कोचिंग सेंटरों और परीक्षा एजेंसियों की मिलीभगत हुई?
- क्या प्रारंभिक स्क्रीनिंग में घोर लापरवाही हुई?
वर्तमान में जांच जारी है और पूरे मामले पर सीआरपीएफ मुख्यालय की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस पर बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
(SOURCE – AMAR UJALA)

