CISF के रिटायर्ड कर्मियों को मदिरा सुविधा, जवानों ने 30 दिन छुट्टी के साथ 30 दिन लीव इनकैशमेंट की रखी मांग
नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के रिटायर्ड कर्मियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब वे भी ‘मदिरा’ सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। केंद्रीकृत शराब प्रबंधन प्रणाली (CLMS) ऐप के माध्यम से बल के ये पूर्व कार्मिक अपने निकटवर्ती किसी भी कैंटीन से इस सुविधा को हासिल कर सकते हैं। CISF मुख्यालय ने ‘अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन’ को इस संबंध में आश्वासन दिया है। एसोसिएशन को यह भी उम्मीद है कि जल्द ही सेवारत जवानों को भी छुट्टी पर जाते समय मदिरा सुविधा का लाभ मिलेगा।

⚖️ केरल उच्च न्यायालय के फैसले के बाद मिली मंजूरी
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के अनुसार, केरल उच्च न्यायालय ने 21 अक्टूबर को अपने फैसले में पूर्व कर्मियों को मदिरा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय सुनाया था। एसोसिएशन ने भी कई बार यह मांग उठाई थी। अदालत ने नोडल एजेंसी आईटीबीपी और सीआरपीएफ महानिदेशालय को पूर्व सीआईएसएफ कर्मियों का डेटा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है, ताकि वे अपने नजदीकी किसी भी सुरक्षा बल की कैंटीन से मदिरा ले सकें।
📅 जवानों की मांग: 30 दिन की छुट्टी के साथ 30 दिन का लीव इनकैशमेंट
CISF जवानों की छुट्टी के संबंध में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है। सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी और एसोसिएशन के चेयरमैन एचआर सिंह ने जवानों को 30 दिन के वार्षिक अवकाश की जगह 60 दिनों की सालाना छुट्टी देने का मसला उठाया। उन्होंने CISF मुख्यालय के अफसरों से इस विषय पर जवानों के बीच एक सर्वेक्षण (Survey) कराने की मांग की थी।
इस पर सीआईएसएफ के एडीजी हेडक्वार्टर ने बताया कि यह सर्वे पहले ही कराया जा चुका है। सर्वे के नतीजों के अनुसार, जवान 30 दिन की छुट्टी के साथ 30 दिन का लीव इनकैशमेंट चाहते हैं।
महासचिव रणबीर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा जवानों को 100 दिन की छुट्टी देने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरी तरफ CISF जवानों को मात्र 30 दिन का ही अवकाश मिलता है। उन्होंने कराए गए सर्वे की प्रतिलिपि (Copy) उपलब्ध कराने की मांग भी की।
💰 अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष की स्थापना की मांग
एचआर सिंह ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कल्याण और पुनर्वास के लिए अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष (‘CAPF Flag Day Fund’) स्थापित करने की मांग उठाई। इस कोष के जरिए रिटायर्ड जवानों, शहीदों के आश्रितों और गैर-पेंशन भोगियों की आर्थिक मदद की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों और शहीद हुए जवानों के बच्चों की आर्थिक सहायता के लिए ‘सेना झंडा दिवस कोष’ से हाल ही में 257 करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की है। एसोसिएशन ने तर्क दिया कि जब गृह मंत्री सुरक्षा बलों के विभिन्न कार्यक्रमों में झंडे की सलामी लेते हैं, तो पैरामिलिट्री परिवारों की आर्थिक मदद के लिए ‘सीएपीएफ फ्लैग डे फंड’ की स्थापना की जानी चाहिए।
इस मौके पर CISF महानिदेशालय की तरफ से विजय प्रकाश आईपीएस (एडिशनल डीजी हेडक्वार्टर), आईजी एडम प्रतिभा अग्रवाल, डीआईजी रेखा नांबियार के अलावा पूर्व आईजी बीएसएफ विकास चंद्रा, कोषाध्यक्ष वीएस कदम और सीआईएसएफ के रिजक राम भी मौजूद रहे।


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