गया एयरपोर्ट पर तैनात CISF जवान की हरियाणा पुलिस कस्टडी में मौत, परिजनों ने लगाया ‘हत्या’ का आरोप
गया/वैशाली: बिहार के गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक हेड कांस्टेबल की हरियाणा पुलिस की हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक की पहचान 52 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव के रहने वाले थे। इस घटना के बाद अर्धसैनिक बल के जवानों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक मुकेश कुमार गया एयरपोर्ट पर ‘क्वार्टर गार्ड’ के रूप में तैनात थे। परिजनों के अनुसार, गुरुवार की रात हरियाणा पुलिस की एक टीम एक पुराने फ्रॉड केस के सिलसिले में गया पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना या अरेस्ट वारंट के मुकेश कुमार को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर सामने आई।
परिजनों का गंभीर आरोप: “यह हार्ट अटैक नहीं, हत्या है”
मुकेश कुमार की पत्नी रीमा देवी और उनके बेटों ने हरियाणा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी रीमा देवी ने कहा, “मेरे पति बिल्कुल स्वस्थ थे। ड्यूटी पर तैनात जवान को पुलिस जबरन उठा ले गई और पीट-पीटकर मार डाला। हमें न्याय चाहिए।”
वहीं, मृतक के पुत्र दुर्गेश ने पुलिस के ‘हार्ट अटैक’ वाले तर्क को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पिता को कोई बीमारी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के बहादुरगढ़ में सालों पुराने एक मामले को लेकर पुलिस उनके पिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। बेटे निलेश सिंह ने गया CISF के अधिकारियों और हरियाणा पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मगध मेडिकल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
इस मामले पर मगध मेडिकल थाना के थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने CISF के वरिष्ठ अधिकारियों को वारंट की जानकारी देने के बाद ही आरोपी को सुपुर्द करने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। गया पुलिस के वरीय अधिकारी स्वयं इस संवेदनशील मामले की जांच कर रहे हैं।
