CISF ने जारी किया आदेश: सेवानिवृत्त कर्मियों को CLMS के द्वारा मिलेगी मदिरा सुविधा, हाईकोर्ट के फैसले का पालन
नई दिल्ली: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक महत्वपूर्ण विभागीय आदेश जारी कर सेवानिवृत्त कर्मियों को शराब खरीदने की सुविधा बहाल करने का फैसला किया है। यह निर्णय केरल हाईकोर्ट के हालिया फैसले के अनुपालन में लिया गया है, जिसमें सेवानिवृत्त सीआईएसएफ कर्मियों को अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के रिटायर्ड कर्मियों की तरह शराब कैंटीन सुविधा से वंचित रखने को भेदभावपूर्ण बताया गया था।
केरल हाईकोर्ट में पूर्व सीआईएसएफ वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका (डब्ल्यूपी नंबर 26101/2024) और अन्य संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई 21 अक्टूबर 2025 को हुई। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जब अन्य सीएपीएफ के रिटायर्ड कर्मियों को कैंटीन के माध्यम से शराब उपलब्ध कराई जाती है, तो सीआईएसएफ के रिटायर्ड कर्मियों को इससे वंचित रखना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “सीआईएसएफ कर्मियों को सुरक्षा और अनुशासन के मामले में अलग मापदंड अपनाना अनुचित है। सभी सीएपीएफ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील कर्तव्य निभाते हैं। रिटायर्ड कर्मियों को शराब सुविधा देने से बल की अनुशासन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।” कोर्ट ने सीआईएसएफ के पूर्व आदेश (दिनांक 28 जून 2024) को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि रिटायर्ड सीआईएसएफ कर्मियों को सीआरपीएफ या अन्य सीएपीएफ की शराब कैंटीन (सीएलएमएस सिस्टम) से खरीदारी की अनुमति दी जाए। साथ ही, सीआईएसएफ को रिटायर्ड कर्मियों का डेटा अन्य बलों के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए।
सीआईएसएफ का प्रशासनिक निर्णय: पूर्ण अनुपालन
सीआईएसएफ मुख्यालय ने अपने आदेश में कोर्ट के फैसले को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। आदेश में कहा गया है कि दक्षिण सेक्टर में अन्य हाईकोर्टों में भी समान शिकायतों वाली याचिकाएं लंबित हैं, इसलिए इस निर्णय की जानकारी सभी को दी जाए ताकि संबंधित मामलों में इसका उपयोग किया जा सके।
यह निर्णय हजारों रिटायर्ड सीआईएसएफ कर्मियों के लिए राहत भरा है, जो अब सीआरपीएफ या अन्य सीएपीएफ कैंटीन से शराब खरीद सकेंगे।

