CISF के जवान अब योग और आयुर्वेद से रहेंगे फिट; आयुष मंत्रालय के साथ हुआ ऐतिहासिक समझौता
नई दिल्ली: संसद भवन, हवाई अड्डों और देश के अन्य अति-संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर है। ड्यूटी के दौरान होने वाले मानसिक तनाव को कम करने और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए CISF ने अब योग और आयुर्वेद का सहारा लेने का निर्णय लिया है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए CISF ने आयुष मंत्रालय के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
तनावमुक्त और रोगमुक्त होंगे जवान
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य CISF कर्मियों और उनके परिवारों के दैनिक जीवन में योग, आयुर्वेद और अन्य आयुष पद्धतियों को शामिल करना है। CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने इस पहल को एक ‘ऐतिहासिक शुरुआत’ बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से बल के जवानों के स्वास्थ्य और उनके जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
स्वास्थ्य के लिए तैयार किया विशेष मॉड्यूल
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आयुष मंत्रालय ने जवानों की कठिन और तनावपूर्ण ड्यूटी को ध्यान में रखते हुए एक विशेष हेल्थ मॉड्यूल तैयार किया है। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- नियमित योग सत्र: इकाइयों में जवानों के लिए रोजाना योग की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
- तनाव प्रबंधन: वैज्ञानिक तरीके से तनाव कम करने के लिए विशेष कार्यशालाएं होंगी।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता: आयुष आधारित आहार और जीवनशैली के माध्यम से जवानों की इम्यूनिटी बढ़ाई जाएगी।
- वेलनेस कैंप: विभिन्न इकाइयों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और कैंप लगाए जाएंगे।
विकसित होगी पंचकर्म जैसी सुविधाएं
यह समझौता केवल परामर्श तक सीमित नहीं रहेगा। अब CISF की विभिन्न इकाइयों में आयुष डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पंचकर्म जैसी प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धतियों के लिए बुनियादी ढांचा और केंद्र विकसित किए जाएंगे।
इस साझेदारी में CISF प्रशासनिक सहयोग और आधारभूत संरचना (Infrastructure) प्रदान करेगा, जबकि आयुष मंत्रालय तकनीकी सहायता, विशेषज्ञों की टीम और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेगा।

