रिटायर्ड CAPF जवानों के कल्याण के लिए WARB सक्रिय; सैनिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर प्रत्येक राज्य में अलग ‘CAPF कल्याण बोर्ड’ बनाने की कोई योजना नहीं: गृह मंत्रालय
नई दिल्ली: भारत सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कल्याण और पुनर्वास बोर्ड (WARB) पूरी तरह से कार्यरत है। लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने बोर्ड के कामकाज और भविष्य की योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
WARB का ढांचा और नेटवर्क
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, WARB ने देश भर में एक मजबूत नेटवर्क स्थापित किया है ताकि सहायता जमीनी स्तर तक पहुँच सके:
- 06 केंद्रीय कल्याण अधिकारी नामित किए गए हैं।
- 32 राज्य कल्याण अधिकारी (SWOs) विभिन्न राज्यों में कार्यरत हैं।
- 201 जिला कल्याण अधिकारी (DWOs) जिलों में तैनात हैं।
प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (PMSS) की सफलता
WARB न केवल कल्याणकारी कार्यक्रमों की निगरानी करता है, बल्कि प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (PMSS) के कार्यान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह योजना CAPF और असम राइफल्स के कर्मियों के बच्चों को उच्च तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- अब तक कुल 54,551 लाभार्थियों ने इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाया है।
बजट और वित्तीय स्थिति
वित्तीय आवंटन की बात करें तो, इसकी स्थापना से लेकर अब तक WARB को ‘सामान्य कल्याण अनुदान’ (Normal Welfare Grant) के रूप में कुल ₹2,36,21,000 (दो करोड़ छतीस लाख इक्कीस हजार रुपये) आवंटित किए जा चुके हैं।
राज्य स्तरीय बोर्ड पर स्पष्टीकरण
सैनिक कल्याण बोर्ड की तर्ज पर प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में अलग से ‘CAPF कल्याण बोर्ड’ स्थापित करने के सवाल पर सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में ऐसे अलग बोर्ड स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।



