सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कोर्ट में CAPF जवानों के पुरानी पेंशन बहाली केस की हुई सुनवाई, प्रतिवादी 74 पर सर्विस अधूरी —अगली तारीख 05 दिसंबर 2025
नई दिल्ली: 03 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार कोर्ट में यूनियन ऑफ इंडिया (गृह मंत्रालय) और अन्य बनाम मनपाल सिंह और अन्य से जुड़े CAPF जवानों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) से संबंधित मामले (सिविल अपील संख्या 9637/2024) पर सुनवाई हुई। यह मामला मूल रूप से CAPF कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के संबंध में है।
🏛️ सुनवाई में क्या हुआ (रजिस्ट्रार कोर्ट का आदेश)
रजिस्ट्रार श्रीमती सुजाता सिंह की कोर्ट ने मुख्यतः यह सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियागत आदेश पारित किया कि मामले में शामिल सभी पक्षकारों को विधिवत नोटिस मिल गया है और वे प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- प्रतिनिधित्व: कोर्ट को बताया गया कि प्रतिवादी संख्या 1 से 70, 72, 73 और 75 से 103 का प्रतिनिधित्व विधिवत हो चुका है।
- सर्विस पूरी, पर अनुपस्थिति: प्रतिवादी संख्या 71 पर सर्विस (नोटिस तामील) पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुनवाई में उनकी ओर से कोई उपस्थिति दर्ज नहीं हुई।
- अधूरा प्रतिनिधित्व: कोर्ट ने पाया कि प्रतिवादी संख्या 74 को नोटिस दिए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई (फ्रेश स्टेप्स और नए पते का विवरण) अधूरी है।
कोर्ट का मुख्य आदेश (जजमेंट नहीं):
यह सुनवाई मुख्य तौर पर केस को आगे बढ़ाने के लिए थी, जिसमें कोई अंतिम जजमेंट (निर्णय) नहीं दिया गया। कोर्ट ने निम्नलिखित आदेश दिया:
- अपीलकर्ता को समय: अपीलकर्ता (यूनियन ऑफ इंडिया, गृह मंत्रालय) के वकील को प्रतिवादी संख्या 74 को नोटिस तामील कराने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। उन्हें नए सिरे से कार्रवाई करने और नए पते का विवरण (fresh particulars) दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
- रजिस्ट्रार कोर्ट का कार्य: गौरतलब है कि रजिस्ट्रार कोर्ट आमतौर पर केस को सुनवाई के लिए तैयार करने, दस्तावेज़ीकरण और नोटिस तामील कराने जैसे प्रशासनिक और प्रक्रियागत पहलुओं को देखती है, न कि केस के अंतिम मेरिट पर फैसला सुनाती है।
📅 आगे की सुनवाई कब होगी और क्या होगा?
अगली सुनवाई की तारीख इस प्रकार तय की गई है:
- अगली सुनवाई की तिथि: 05 दिसंबर, 2025।
- सुनवाई का मंच: यह सुनवाई भी रजिस्ट्रार कोर्ट में ही होगी।
आगे की सुनवाई पर क्या होगा:
- मुख्य उद्देश्य: 05 दिसंबर, 2025 को रजिस्ट्रार कोर्ट यह जांच करेगी कि क्या अपीलकर्ता ने प्रतिवादी संख्या 74 को नोटिस भेजने के लिए दिए गए दो सप्ताह के समय के भीतर सभी आवश्यक कदम उठा लिए हैं।
- केस की तैयारी: एक बार जब सभी प्रतिवादियों पर नोटिस की तामील पूरी हो जाएगी और सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, तो रजिस्ट्रार कोर्ट मामले को सामान्य सुनवाई (Regular Hearing) के लिए जस्टिस (न्यायाधीश) की पीठ के समक्ष लिस्ट करने का आदेश देगी।
- महत्वपूर्ण चरण: इस मामले में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का अंतिम फैसला केवल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों द्वारा ही सुनाया जाएगा, न कि रजिस्ट्रार कोर्ट द्वारा।
यह आदेश CAPF जवानों की पेंशन से जुड़े मुख्य कानूनी विवाद के अंतिम निर्णय की ओर एक और प्रक्रियागत कदम है।

