सेवानिवृत्त BSF कमांडेंट ने CAPF कैडर ऑफिसर के लिए OGAS और NFFU लागू करने की मांग उठाई
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के कैडर अधिकारियों को संगठित ग्रुप ‘ए’ सेवा (OGAS) का दर्जा और नॉन-फंक्शनल फाइनेंशियल अपग्रेडेशन (NFFU) का लाभ दिए जाने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सेवानिवृत्त बीएसएफ कमांडेंट रतन चंद शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपील जारी कर गृह मंत्री, गृह सचिव और सभी CAPF प्रमुखों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तत्काल लागू करने का आग्रह किया है।
रतन चंद शर्मा, जो सीमा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करते रहते हैं, ने अपने पोस्ट में कहा कि CAPF को OGAS का दर्जा और NFFU का लाभ देना न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि इससे बलों की संवैधानिक विश्वसनीयता और अधिकारियों का मनोबल भी मजबूत होगा। उन्होंने गृह मंत्रालय, पीआईबी होम अफेयर्स सहित बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के आधिकारिक हैंडल को टैग किया।
यह अपील सुप्रीम कोर्ट के 23 मई 2025 के उस अहम फैसले की पृष्ठभूमि में की गई है, जिसमें CAPF को सभी उद्देश्यों के लिए OGAS का दर्जा देने और कैडर अधिकारियों को NFFU का लाभ देने की बात कही गई थी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि अन्य संगठित सेवाओं की तरह CAPF अधिकारियों को भी वित्तीय और पदोन्नति से जुड़े समान अवसर मिलने चाहिए।
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने CAPF में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) को चरणबद्ध तरीके से कम करने के निर्देश दिए थे, ताकि कैडर अधिकारियों के लिए पदोन्नति के रास्ते खुले रहें। केंद्र सरकार ने इस फैसले के खिलाफ अक्टूबर 2025 में रिव्यू पिटीशन दायर की थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के पूर्ण क्रियान्वयन से CAPF अधिकारियों में लंबे समय से चली आ रही असंतोष की भावना कम होगी और आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा तथा औद्योगिक सुरक्षा में इन बलों की भूमिका और प्रभावी बनेगी। CAPF में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी जैसे प्रमुख बल शामिल हैं, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।


choukidarom Ki Kaam me I P S Ka Kya Kaam hai? DG ki Rank Ke like 12th Pass bahut hai. Sirf Order pass Karna hai. CAPF Sab Choukidar hai. Tho Kisiliye paisa jyada barbaad Karna ?