CAPF जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी
केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी लोकसभा में दी है। यह जानकारी 3 फरवरी 2026 को पूछे गए लोकसभा के लिखित प्रश्न संख्या 635 के उत्तर में गृह मंत्रालय द्वारा दी गई।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि सभी CAPF और असम राइफल्स जवानों की वार्षिक चिकित्सा जांच (Annual Medical Examination) की जाती है, जिसमें मनोवैज्ञानिक आकलन भी शामिल होता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से कर्मियों की मानसिक स्थिति की नियमित समीक्षा की जाती है।
सरकार के अनुसार, जिन जवानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पाई जाती हैं, उन्हें आवश्यक चिकित्सीय उपचार और काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए मनोचिकित्सक और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की सेवाएं ली जाती हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों को विशेषज्ञों के पास रेफर किया जाता है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि ड्यूटी के दौरान जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण का आकलन विभिन्न उपायों के माध्यम से किया जाता है। इनमें अधिकारियों और कर्मियों के बीच नियमित संवाद, ड्यूटी समय का नियमन, पर्याप्त विश्राम, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और विशेषज्ञों द्वारा आयोजित संवाद सत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से योग, ध्यान, मेडिटेशन और “आर्ट ऑफ लिविंग” जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।
सरकार के अनुसार, ये व्यवस्थाएं CAPF और असम राइफल्स के कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य के आकलन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लागू की गई हैं।

