CAPFs Bill 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में पेश करेंगे CAPF पर बड़ा बिल, भर्ती और सेवा नियमों में होगा बदलाव
नई दिल्ली, 20 मार्च। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सोमवार को राज्यसभा में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) बिल, 2026 पेश करेंगे। यह जानकारी राज्यसभा द्वारा जारी ‘लिस्ट ऑफ बिजनेस’ में दी गई है। इस प्रस्तावित कानून को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में भर्ती, सेवा शर्तों और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या है बिल का उद्देश्य?
इस बिल का मुख्य उद्देश्य CAPFs में ग्रुप-ए जनरल ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और प्रशासनिक नियमों को एक समान ढांचे में लाना है। इसके अलावा, यह कानून इन बलों से जुड़े अन्य नियमों और संबंधित मामलों को भी स्पष्ट रूप से नियंत्रित करेगा।
सरकार का मानना है कि इससे अलग-अलग बलों में लागू बिखरे हुए नियमों को खत्म कर एक एकीकृत और पारदर्शी प्रणाली तैयार की जा सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया बिल
यह प्रस्तावित कानून Supreme Court of India के उस अहम फैसले के बाद लाया जा रहा है, जिसमें अक्टूबर 2025 में केंद्र सरकार की समीक्षा याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में CAPFs में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति (deputation) कम करने और छह महीने के भीतर कैडर रिव्यू करने का निर्देश दिया था।
CAPFs पर क्या पड़ेगा असर?
इस बिल के लागू होने पर निम्नलिखित बड़े बदलाव संभव हैं:
- भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता और स्पष्टता
- अधिकारियों की सेवा शर्तों में सुधार
- विभिन्न CAPFs के बीच बेहतर समन्वय
- प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही
किन बलों पर लागू होगा कानून?
यह कानून देश के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों जैसे CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB पर लागू होगा। इन बलों की भूमिका देश की आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रक्षा में बेहद अहम है।
(SOURCE – PTI)

