BSF स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दी शुभकामनाएं, जवानों की बहादुरी को किया सलाम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 61वें स्थापना दिवस पर जवानों को हार्दिक बधाई दी और देश की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि BSF के जवान कठिनतम परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, दृढ़ निष्ठा और पेशेवराना अंदाज का परिचय देते हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “बीएसएफ भारत की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कठिन इलाकों और चुनौतियों के बीच भी उनका कर्तव्यभाव प्रेरणादायक है। बीएसएफ के जवान न केवल बहादुरी दिखाते हैं, बल्कि मानवता की भावना भी निभाते हैं।”
प्रधानमंत्री ने सभी जवानों को देश सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
गृहमंत्री अमित शाह ने भी जताया गर्व
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर BSF के सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि BSF “अपने जोशीले देशभक्ति के जज्बे” के लिए जानी जाती है और देश की सुरक्षा में उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। शाह ने शहीद जवानों को नमन किया।
नेताओं ने भी दी बधाई
बीएसएफ स्थापना दिवस पर कई राजनीतिक नेताओं ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं।
लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संदेश दिया— “देश की रक्षा करने के लिए धन्यवाद, हम आपके साहस को सलाम करते हैं।”
वहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी BSF जवानों के समर्पण और वीरता की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की सीमाओं, धरती और नागरिकों की सुरक्षा में हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं।
1965 में हुई थी BSF की स्थापना
बीएसएफ की स्थापना वर्ष 1965 में भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए की गई थी। इससे पहले सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों के सशस्त्र पुलिस बलों पर थी।
अप्रैल 1965 में पाकिस्तान द्वारा सरदार पोस्ट, चार बेट और बेरिया बेट पर हमले के बाद केंद्र सरकार ने सचिव समिति की सिफारिशों के आधार पर BSF के गठन का निर्णय लिया।
आज BSF दुनिया का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है, जो अपनी बहादुरी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से देश का मान बढ़ा रहा है।
हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है स्थापना दिवस
बीएसएफ अपना रेजिंग डे हर वर्ष 1 दिसंबर को मनाती है, जो इसकी स्थापना के गौरवशाली इतिहास और जवानों की अदम्य वीरता को समर्पित है।

