मणिपुर में उग्रवादियों की फायरिंग में BSF जवान वीरगति को प्राप्त , पश्चिम बंगाल के मिथुन मंडल ने दिया बलिदान
मणिपुर के उखरुल जिले के लिटन इलाके में उग्रवादियों की ओर से की गई कथित बिना उकसावे की फायरिंग में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। मणिपुर पुलिस ने शुक्रवार को इस घटना की पुष्टि की।
शहीद जवान की पहचान बीएसएफ की 170वीं बटालियन के कांस्टेबल मिथुन मंडल के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के भगजन टोला गांव के निवासी थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बल क्षेत्र में नियमित गश्त और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे थे, इसी दौरान अज्ञात उग्रवादियों की ओर से फायरिंग की गई। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल मिथुन मंडल को तुरंत इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और हमलावरों की तलाश जारी है।
उखरुल जिले का लिटन इलाका पिछले कुछ महीनों से तनावग्रस्त बना हुआ है। 7 फरवरी को नए मुख्यमंत्री के पदभार ग्रहण करने के कुछ दिनों बाद से यहां कुकी और तंगखुल नागा समुदायों के बीच हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। उखरुल जिला नागा बहुल क्षेत्र माना जाता है।
मणिपुर लंबे समय से जातीय संघर्ष की आग में झुलस रहा है। 3 मई 2023 को कुकी-जो और मैतेई समुदायों के बीच भड़की हिंसा में अब तक करीब 250 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने जवान की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांस्टेबल मिथुन मंडल एक बहादुर जवान थे, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के इस वीर सपूत की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा और शोक संतप्त परिवार के प्रति राज्य सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं।
घटना के बाद उखरुल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि हमले के जिम्मेदार उग्रवादियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

