BSF जवान जसविंदर सिंह की NCB कस्टडी में संदिग्ध मौत। परिवार ने टॉर्चर के आरोप लगाए
जम्मू के मीरां साहिब क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए BSF जवान जसविंदर सिंह की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद एनसीबी और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामला अब संवेदनशील बन गया है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जसविंदर सिंह को जम्मू यूनिट की एनसीबी टीम ने नशे से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे पूछताछ के लिए अमृतसर लाया गया, जहां एनसीबी अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई।
जसविंदर का शव फिलहाल सिविल अस्पताल अमृतसर की मोर्चरी में रखा गया है, जहां मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि वह त्रिपुरा में तैनात था और एक महीने की छुट्टी पर अपने घर जम्मू आया हुआ था।
मृतक के परिवार ने एनसीबी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जसविंदर को साजिश के तहत फंसाया गया और हिरासत में उसके साथ मारपीट व टॉर्चर किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसकी पत्नी ने आरोप लगाया कि 3 मार्च को एनसीबी के अधिकारी जबरन उसे घर से उठाकर ले गए थे, लेकिन आज तक यह नहीं बताया गया कि किस मामले में उसे हिरासत में लिया गया।
परिवार को जब मौत की सूचना मिली तो वे अमृतसर पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें न तो कोई एनसीबी अधिकारी मिला और न ही शव के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई। इससे नाराज होकर परिवार ने जम्मू में आरएस पुरा थाने के बाहर अपनी पीड़ा जाहिर की और शव को जम्मू लाने की मांग की।
मृतक की मां ने रोते हुए कहा कि एनसीबी ने उनका घर उजाड़ दिया है और उनके बेटे के साथ अन्याय हुआ है। वहीं स्थानीय सरपंच रजनी चौधरी ने बताया कि एनसीबी अधिकारियों ने देर रात फोन कर पहले तबीयत खराब होने और फिर मौत की सूचना दी थी।
इस मामले में स्थानीय पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं एनसीबी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, जसविंदर सिंह बीएसएफ की 42वीं बटालियन में तैनात था और जम्मू के मीरां साहिब इलाके का निवासी था। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

