कांकेर में BSF जवान से 5 लाख की ठगी: पर्सनल लोन बंद कराने के नाम पर साइबर फ्रॉड, गूगल से मिला फर्जी नंबर
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। नक्सल मोर्चे पर तैनात Border Security Force (बीएसएफ) के एक प्रधान आरक्षक से साइबर ठगों ने 5 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पर्सनल लोन बंद कराने के नाम पर यह रकम उनके बैंक खाते से पार कर दी। मामला बांदे थाना क्षेत्र का है।
गूगल पर नंबर खोजा, ठग के झांसे में आए
पीड़ित प्रधान आरक्षक मनोज मिंज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका खाता State Bank of India (एसबीआई) की ओडिशा शाखा में है, जहां उनका वेतन जमा होता है। उन्होंने घर निर्माण के लिए एसबीआई से 14 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया था।
लोन की अंतिम किश्त 5 दिसंबर 2025 को देय थी और भुगतान के बाद केवल 87 रुपये शेष रह गए थे। 3 जनवरी को उन्होंने अपना पर्सनल लोन खाता बंद कराने के लिए गूगल पर एसबीआई की कृष्णानगर शाखा के प्रबंधक का मोबाइल नंबर खोजा।
व्हाट्सएप लिंक भेजकर खाते से उड़ाए 5 लाख
गूगल सर्च में उन्हें “अमित मैनेजर” के नाम से एक मोबाइल नंबर मिला। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क कर लोन बंद कराने की प्रक्रिया पूछी। ठग ने उनसे बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर मांगा और व्हाट्सएप पर एक लिंक भेज दिया।
ठग ने उन्हें लिंक पर क्लिक कर शेष 87 रुपये जमा करने को कहा। जैसे ही उन्होंने 87 रुपये ट्रांसफर किए, उनके खाते से 5 लाख रुपये किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। घटना के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की शिकायत मिलते ही बांदे थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से ठगों की पहचान और ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बैंक संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से ही संपर्क करें और गूगल पर मिले अज्ञात नंबरों पर भरोसा न करें।
सावधानी जरूरी:
- बैंक कभी भी व्हाट्सएप लिंक के जरिए जानकारी या भुगतान नहीं मांगता।
- गूगल सर्च में दिखने वाले नंबर की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें।
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहें।

