BSF Annual Press Conference:जम्मू BSF कैंपस में ‘Celebrating Glorious 60 Years’ सम्मेलन: ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए फोर्स तैयार, जीरो घुसपैठ का लक्ष्य दोहराया
जम्मू में शनिवार को BSF की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसे ‘Celebrating Glorious 60 Years’ नाम दिया गया। इस दौरान बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के शीर्ष अधिकारियों ने पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और आने वाली चुनौतियों के लिए तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
जम्मू फ्रंटियर के IG शशांक आनंद ने बताया कि फोर्स को केंद्र सरकार की ओर से जीरो घुसपैठ का लक्ष्य दिया गया है, जिसे पूरा करने के लिए BSF 24×7 अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक पाकिस्तान की 118 चौकियां नष्ट की जा चुकी हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और 2.0 की तैयारी
BSF के DIG विक्रम कुंवर के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई आतंकी लॉन्च पैड नष्ट किए गए, जिसके बाद पाकिस्तान ने 72 से अधिक लॉन्च पैड बॉर्डर से दूर स्थानांतरित कर दिए। इनमें सियालकोट-जफ्फरवाल के आसपास सक्रिय 12 और अन्य इलाकों में 60 से अधिक लॉन्च पैड शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत पूरी तरह तैयार है और यदि आवश्यकता पड़ी तो पहले से भी अधिक सटीक और मजबूत कार्रवाई करने में सक्षम है।
पहलगाम हमले के बाद आया था ऑपरेशन सिंदूर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर को भी याद किया गया।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 टूरिस्ट की हत्या कर दी थी। घटना के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर थे, लेकिन अत्याचार की खबर मिलते ही वे तुरंत देश लौटे और कैबिनेट की बैठक बुलाई।
इसके 15 दिन बाद, 6 मई की रात सेना ने पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए और 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया।
बाढ़ में क्षतिग्रस्त ग्रिड एक महीने में पुनर्स्थापित
IG आनंद ने बताया कि अगस्त-सितंबर की भीषण बाढ़ में एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन BSF ने इसे सिर्फ एक महीने में बहाल कर पहले से 2–3 गुना मजबूत कर दिया।
उन्होंने कहा—
“हमारी फोर्स हर मौसम, हर परिस्थिति में तैनात रहती है। बारिश, कोहरा, बर्फबारी या गर्मी—किसी भी हालात में BSF पोस्ट नहीं छोड़ती।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में BSF के दो जवान शहीद हुए, जबकि एक जवान प्रगवाल में ड्यूटी के दौरान नदी में डूब गया, लेकिन उसने अपनी पोस्ट नहीं छोड़ी।
नार्को-टेरर नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई
IG के अनुसार, नार्कोटिक्स और आतंकवाद की फंडिंग के गठजोड़ को खत्म करने के लिए सरकार टॉप-टू-बॉटम 360° एक्शन नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश विरोधी ताकतें पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में स्थानीय नेटवर्क का उपयोग कर रही हैं, लेकिन BSF और अन्य एजेंसियां लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।
सर्दियों के लिए विशेष तैयारी
कोहरे और ठंड के दौरान घुसपैठ की कोशिशें बढ़ने की संभावना पर IG ने बताया कि BSF के पास फॉग-सीइंग डिवाइस, आधुनिक हथियार और हाई-टेक निगरानी सिस्टम मौजूद हैं।
उन्होंने कहा—
“हमारी फोर्स किसी भी चुनौती के लिए तैयार है। तकनीक और क्षमता, दोनों स्तर पर हमने अपने सिस्टम को मजबूत किया है।”
BSF की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस ने स्पष्ट संकेत दिया कि फोर्स न सिर्फ सीमा पर 24×7 अलर्ट है, बल्कि आतंकवाद, नार्को-टेरर, हाइब्रिड वार और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के बाद BSF का फोकस स्पष्ट है—
सीमा सुरक्षित, घुसपैठ शून्य, और देश की सुरक्षा सर्वोपरि।

