BSF का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: DG दलजीत सिंह चौधरी ने लॉन्च की चार प्रमुख IT डिजिटल पहलें, बढ़ेगी पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा
सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाई है। सोमवार को BSF महानिदेशक श्री दलजीत सिंह चौधरी ने बल मुख्यालय, नई दिल्ली में चार अहम IT डिजिटल पहलें लॉन्च कीं, जो संगठन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं —
1️⃣ इंटीग्रेटेड सेंट्रलाइज्ड लिकर मैनेजमेंट सिस्टम (CLMS)
2️⃣ ई-बिल सिस्टम (E-Bill System)
3️⃣ BSF प्राइवेट क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर
4️⃣ एंड पॉइंट डिटेक्शन एंड रिस्पॉन्स (EDR) सॉल्यूशन
इन चारों पहलों का उद्देश्य “डिजिटल BSF – स्मार्ट BSF” के विज़न को साकार करना है।

CLMS से जुड़ेगा पूरा CAPF नेटवर्क
BSF द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड CLMS अब केवल BSF तक सीमित नहीं रहेगा। इसे CRPF, ITBP और SSB के लिए भी रोलआउट किया जा रहा है। यह एकीकृत प्लेटफॉर्म देशभर के सभी डिपो और सब-डिपो को जोड़ते हुए CAPF कर्मियों — चाहे वे सेवा में हों या सेवानिवृत्त — को डिजिटल सुविधा प्रदान करेगा।
ई-बिलिंग सिस्टम से खत्म होगी फाइलों की झंझट
नए ई-बिल सिस्टम के माध्यम से बिल और भुगतान प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होगी। इस वर्कफ्लो-आधारित प्लेटफॉर्म से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी भी आएगी।
BSF का अपना प्राइवेट क्लाउड
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में BSF ने एक नया अध्याय जोड़ते हुए अपना प्राइवेट क्लाउड स्थापित किया है। यह सिस्टम बल के सभी IT संसाधनों के सुरक्षित होस्टिंग, स्केलेबिलिटी और केंद्रीकृत प्रबंधन को सुनिश्चित करेगा।

साइबर सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत
एंटरप्राइज ग्रेड EDR सॉल्यूशन की स्थापना से BSF की साइबर सुरक्षा प्रणाली और मजबूत होगी। यह समाधान संभावित साइबर खतरों की निगरानी और रोकथाम में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे संगठन की डिजिटल संपत्तियाँ सुरक्षित रहेंगी।
आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त BSF की दिशा में कदम
इन पहलों के जरिए BSF ने यह साबित किया है कि संगठन केवल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता और डिजिटल नवाचार में भी अग्रणी है।
महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने कहा —
“ये प्रोजेक्ट्स BSF के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर सीमा प्रहरी तकनीकी रूप से सक्षम हो और हर प्रक्रिया पारदर्शी व सुरक्षित बने।”

