ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान होने वाले BSF सब-इंस्पेक्टर के बेटे को मिली अनुकंपा नियुक्ति, DM ने सौंपा नियुक्ति पत्र
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में बलिदान हुए जवानों के परिजनों के सम्मान और पुनर्वास के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को एक बार फिर मजबूती मिली है।
बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था, उनके पुत्र मो. इमदाद रज़ा को बिहार सरकार की ओर से अनुकंपा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान की गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी अमन समीर ने उन्हें औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपा।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहीद परिवारों को सम्मान और आर्थिक स्थिरता प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मो. इमदाद रज़ा की शैक्षणिक योग्यता को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्नातक योग्यता के अनुरूप निम्नवर्गीय लिपिक (Lower Division Clerk) पद पर नियुक्त किया गया है।
इस नियुक्ति को हाल ही में 20 नवंबर को आयोजित जिला अनुकंपा चयन समिति की बैठक में अंतिम स्वीकृति मिली थी। समिति ने समस्त अभिलेखों की जांच और प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद मो. रज़ा के पक्ष में अनुशंसा की थी।
नियुक्ति पत्र सौंपते हुए डीएम अमन समीर ने बताया कि जिले में अनुकंपा आधारित नियुक्ति से जुड़े सभी मामलों को अधिकतम एक महीने के भीतर निपटाने का मानक निर्धारित किया गया है, ताकि शहीद या दिवंगत कर्मियों के परिवारों को समय पर सहयोग प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि बलिदानियों के परिजनों के लिए हर स्तर पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है, और ऐसी फाइलों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
मो. इम्तियाज के बलिदान को नमन करते हुए प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि यह नियुक्ति उनके परिवार को आगे बढ़ने में सहायक होगी तथा सरकार की कल्याणकारी नीति का सार्थक संदेश भी देगी।

