राज्यसभा में ‘भारत के वीर’ पोर्टल पर चर्चा: 657 शहीदों के परिवारों को मिली सहायता, सरकार ने दिए आंकड़े
राज्यसभा में सोमवार को ‘भारत के वीर’ पोर्टल और ‘भारत के वीर’ ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर चर्चा हुई। सांसद डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा पूछे गए स्टार्ड प्रश्न संख्या 35 का जवाब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने सदन में प्रस्तुत किया।
2017 में पोर्टल, 2018 में ट्रस्ट की स्थापना
सरकार की ओर से पेश किए गए लिखित बयान के अनुसार, ‘भारत के वीर’ पोर्टल को वर्ष 2017 में लॉन्च किया गया था, जबकि ‘भारत के वीर’ ट्रस्ट की स्थापना 2018 में की गई। इसका उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के शहीदों के परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
शहीदों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता
सरकार ने बताया कि ‘भारत के वीर’ पोर्टल के माध्यम से शहीदों के आश्रितों को 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा अन्य सरकारी अधिकारिक लाभ भी अलग से दिए जाते हैं। ट्रस्ट यह सुनिश्चित करता है कि शहीद के आश्रितों को कुल मिलाकर कम से कम 1 करोड़ रुपये की सहायता विभिन्न स्रोतों से मिल सके।
विवाहित शहीदों के माता-पिता को भी सहायता
गृह राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि विवाहित शहीदों के माता-पिता को भी ‘भारत के वीर’ ट्रस्ट की तरफ से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
657 परिवारों को मिली आर्थिक मदद
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 657 शहीदों के परिजनों को ‘भारत के वीर’ पोर्टल और ट्रस्ट के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
‘भारत के वीर’ पोर्टल की पारदर्शिता और सीधे योगदान की सुविधा के कारण यह शहीदों के परिवारों के लिए सबसे भरोसेमंद सहायता माध्यमों में से एक बन गया है।



